संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) पैटर्न पर संचालित स्कूलों में जल्द ही स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। टेस्टों का आयोजन मार्च में वार्षिक परीक्षाओं के उपरांत किया जाएगा।
इससे नए शैक्षणिक सत्र में स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों को पढ़ाई में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। इन टेस्ट में स्कूल प्रमुखों के अलावा शिक्षकों की भागीदारी भी अनिवार्य होगी। स्क्रीनिंग टेस्ट के आयोजन के बाद प्रत्येक स्कूल की विस्तृत रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को प्रेषित की जाएगी।
रिपोर्ट के आधार पर स्कूलों को आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे नए शैक्षणिक सत्र में स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
वर्तमान में प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग की ओर से जिला के 19 स्कूलों को प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से बदलकर सीबीएसई पैटर्न का दर्जा दिया है। ऐसे में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में विद्यार्थी स्कूल में सीबीएसई पैटर्न के माध्यम से ही पढ़ाई करेंगे।
स्कूलों में विद्यार्थियों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए विभाग की ओर से स्कूल स्तर पर स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित करने का निर्णय लिया है, ताकि शिक्षकों की दक्षता, स्कूल प्रबंधन की तैयारी और शैक्षणिक स्तर का सही मूल्यांकन हो सके। स्क्रीनिंग टेस्ट के माध्यम से स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और उसी के अनुरूप स्कूलों में शिक्षा के सुधार को लेकर कदम उठाए जाएंगे।