सुजानपुर(हमीरपुर)। नगर परिषद सुजानपुर के अंतर्गत आने वाले नौ वार्डों में करीब 10 हजार की आबादी है, लेकिन इतने बड़े क्षेत्र में आज तक एक भी व्यवस्थित सामुदायिक भवन का निर्माण नहीं हो पाया है।
हालात ऐसे हैं कि शादी-विवाह, सामाजिक समारोह, धार्मिक आयोजन या अन्य सामूहिक कार्यक्रमों के लिए लोगों को निजी स्थानों या अस्थायी व्यवस्थाओं का सहारा लेना पड़ता है। वार्डों में सामुदायिक भवन का अभाव लंबे समय से एक गंभीर समस्या बना हुआ है, लेकिन अभी तक इसका समाधान नहीं हो पाया है।
खासकर बरसात और सर्दियों के मौसम में कार्यक्रम आयोजित करना और भी कठिन हो जाता है, क्योंकि खुले स्थानों पर आयोजन संभव नहीं होता। कुछ लोग मजबूरी में महंगे निजी हॉल किराए पर लेते हैं, जो हर किसी के लिए संभव नहीं है।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। सामुदायिक भवन का निर्माण हर चुनाव में एक प्रमुख मुद्दा बनकर सामने आता है। चुनावी सभाओं और जनसंपर्क अभियानों के दौरान प्रत्याशी इस समस्या के समाधान का आश्वासन देते हैं।
कई बार घोषणाएं भी की जाती हैं कि चुनाव जीतने के बाद प्राथमिकता के आधार पर सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाएगा, लेकिन चुनाव खत्म होते ही यह मुद्दा ठंडे बस्ते में चला जाता है और वर्षों से स्थिति जस की तस बनी हुई है।
शहर में मौजूद सरकारी विश्राम गृह भी इस समस्या का समाधान नहीं बन पा रहा है। यहां केवल यात्रियों के ठहरने की सुविधा उपलब्ध है और इसे सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए उपयोग में नहीं लाया जा सकता। ऐसे में स्थानीय लोगों के पास कोई स्थायी और सुविधाजनक विकल्प नहीं बचता।
कोट्स
बाजार में अक्सर लोगों को कार्यक्रम आयोजित करते में परेशानी होती है। वर्षों बाद भी बाजार में सामुदायिक भवन का निर्माण नहीं हो पाया है।
-सन्नी राणा, सुजानपुर निवासी
चुनावों के बाद प्रत्याशियों को प्राथमिकता से बाजार में लोगों की सुविधा के लिए सामुदायिक भवन का निर्माण करवाना चाहिए, ताकि लोगों को सुविधाएं मिल सकें।
-प्रदीप कुमार, सुजानपुर निवासी
-सन्नी राणा, सुजानपुर निवासी।