फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hamirpur (Himachal) News: कोरियन घास से निखरने लगा स्कूल का खेल मैदान

Thu, 26 Sep 2024 11:29 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
विज्ञापन
बाल स्कूल हमीरपुर के खेल मैदान में उगी कोरियन ग्रास। संवादबाल स्कूल हमीरपुर के खेल मैदान में
विज्ञापन
हमीरपुर। शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा स्मारक राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के उबड़-खाबड़ खेल मैदान में 11 महीने के बाद अब आधा इंच कोरियन ग्रास उग गई है। अगले दो महीनों में यह मैदान हरी-भरी घास से आकर्षण का केंद्र बनेगा, जिससे खिलाडिय़ों और विद्यार्थियों को काफी सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन

अमर उजाला ने 24 जून के अंक में मैदान में बरती जा रही लापरवाही और गढ्डों की समस्या को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद संबंधित विभाग ने तीन महीने के भीतर घास लगाने का कार्य पूरा कर लिया है। वर्तमान में मैदान के चारों ओर पक्की निकासी नालियां और जल भंडारण के लिए अंडर ग्राउंड टैंक का निर्माण कार्य भी पूरा हो चुका है।
कोरियन ग्रास की खरपतवार को हटाने का कार्य किया जा रहा है ताकि घास अच्छी तरह से उग सके। शिक्षा विभाग की ओर से सितंबर 2023 में मैदान निर्माण के लिए 60 लाख रुपये का बजट जारी किया गया था। पहले चरण में लोक निर्माण विभाग ने मैदान को समतल करने और चारों ओर पक्की निकासी नालियां बनाने का कार्य किया। दूसरे चरण में फरवरी 2024 में खुदाई और पत्थर निकालने का कार्य किया गया था।
विज्ञापन

हालांकि चुनावों के दौरान जिला प्रशासन ने मैदान में सरकारी पार्किंग बना दी थी। इसके कारण घास लगाने का कार्य रोक दिया गया था। इस वजह से खिलाडिय़ों को कीचड़ में खेल अभ्यास करना पड़ा था। अब तीन महीने बाद मैदान में घास पूरी तरह उग चुकी है।

कैसी होती है कोरियन घास
कोरियन ग्रास एक धीमी गति से बढ़ने वाली 12 मास की घास प्रजाति है। घास महीन मुलायम बनावट और घनी होती है। इसमें खरपतवार प्रतिरोधी चटाई बनाने की क्षमता होती है, जिसके कारण खेल मैदानों में खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए यह घास लगाई जाती है।
विज्ञापन


मैदान में फुटपाथ बनाने का कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। जल्द ही मैदान घास से सराबोर होगा, जिससे खिलाडिय़ों को काफी सुविधा मिलेगी।
- संजय कटोच, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग:
स्कूल के खेल मैदान का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा करवाया जा रहा है। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और इसके पूर्ण होने के बाद सुविधाएं बढ़ेंगी।
-मुश्ताक मोहम्मद, प्रधानाचार्य, बाल स्कूल हमीरपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें