अवाहदेवी (हमीरपुर)। ग्राम पंचायत चंबोह के बुर्ढवान गांव में कुछ घरों और श्मशानघाट की ओर जाने वाले रास्ते की पिछले दो सालों से मरम्मत नहीं हो पाई है। इससे गांववासियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर, श्मशानघाट जाने वाला रास्ता अत्यधिक खतरनाक बन चुका है। रास्ते का सफर अर्थी को कंधा देने वालों के लिए भी बेहद चुनौतीपूर्ण है।
गांववासी बृज लाल, बंसी लाल सोनी, रमेश चंद, राज कुमार, प्रकाश चंद और अमित ने बताया कि यह रास्ता दो साल पहले बरसात के मौसम में टूट गया था। इसके बाद से गांववासियों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। इस मार्ग से रिहायशी मकानों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। श्मशानघाट तक भी पहुंचने के लिए लोग किसी के घरों की छत से होकर वैकल्पिक रास्ता अपनाने को मजबूर हैं।
इस रास्ते पर चलना खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो गया है, क्योंकि उन्हें गिरने का भय रहता है। गांववासी बताते हैं कि वे इस समस्या को लेकर पंचायत में भी गए थे, लेकिन पंचायत भी बजट मुहैया नहीं करवा पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत ने उनकी समस्या का हल निकालने में कोई ठोस कदम नहीं उठाए, जिससे उनका जीवन और भी मुश्किल हो गया है।
यहां पर रास्ते का काम ज्यादा है। इस कार्य पर अधिक बजट खर्च होगा। ऐसे में यह कार्य मनरेगा के माध्यम से मिलने बाले बजट से नहीं होगा।
-विपिन कुमार, प्रधान, चंबोह पंचायत
बुर्ढवान गांव में रास्ते की खस्ताहालत का मामला अभी ध्यान में आया है। इसकी मरम्मत के लिए जल्द उचित कदम उठाए जाएंगे, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
-वैशाली शर्मा, बीडीओ, टौणी देवी