बुजुर्ग की ओर से नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर की गई कार्रवाई
शिकायतकर्ता बुजुर्ग बोले- उन्हें सच बोलने की मिली सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। हीरानगर स्थित वृद्ध आश्रम प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाने वाले बुजुर्ग को आश्रम से निकाल दिया गया है। मामले में आरोप लगने के बाद इस आश्रम को संचालित करने वाली दरिद्र नारायण कल्याण समिति की ओर से नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया था। नोटिस का जवाब संतोषजनक न मिलने पर संस्था की ओर से बुजुर्ग को आश्रम से बाहर का रास्ता दिखाया गया है। बुजुर्ग का कहना है कि उन्हें सच बोलने की सजा मिली है। वहीं आश्रम प्रबंधन का तर्क है कि विभागीय जांच में व्यवस्था सही पाई है लेकिन बुजुर्ग न तो आरोपों के तथ्य पेश कर पाए हैं और न ही संतोषजनक जवाब दिया है।
कुछ दिन पूर्व ही कांगड़ा के इंदौरा निवासी बुजुर्ग ने आश्रम प्रबंधन पर यह आरोप लगाए थे कि आश्रम में उन्हें खाने के लिए अच्छा खाना नहीं दिया जा रहा है। इस सिलसिले में बुजुर्ग ने डीसी हमीरपुर को शिकायत सौंपी थी। डीसी हमीरपुर ने जिला कल्याण अधिकारी को मामले में जांच के आदेश दिए थे। विभागीय जांच में व्यवस्था सही पाई गई थी।
कोट्स
बुजुर्ग शिवदत्त का कहना है कि जिनके खिलाफ शिकायत की गई वह जवाब कैसे तलब कर सकते हैं। उन्हें सही जवाब दिया गया है लेकिन उन्हें आश्रम से निकल जाने के आदेश दिए गए। वह आश्रम खाली करने को मजबूर हो गए लेकिन इंदौरा स्थित घर जाने के लिए स्कूटी में पेट्रोल डालने के पैसे तक नहीं है।
आश्रम के संचालक मिलाप सिंह का कहना है कि विभाग की जांच में व्यवस्था सही पाई गई है। बुजुर्ग शिवदत्त पिछले वर्ष भी आश्रम से निष्कासित किए गए थे। माफी मांगने पर उन्हें फिर आश्रम में रखा गया था। अब फिर अनुशासनहीनता पर निष्कासित किया गया है।
कार्यकारी जिला कल्याण अधिकारी बलदेव का कहना है कि जब शिकायत मिली थी उस दिन मौके पर जाकर जांच की गई थी। जांच में व्यवस्था सही पाई गई है। बुजुर्ग को संस्था ने नोटिस दिया था। इसकी जानकारी उन्हें मिली थी लेकिन बुजुर्ग को आश्रम से निकाला गया है, इस विषय पर कोई जानकारी नहीं मिली है।