संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। वीरभूमि हमीरपुर में प्रतिमा और मूर्तियों से उखड़ा पेंट, सूखी फूल मालाएं और प्रतिमा से नाम के गायब शब्द व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। एसपी कार्यालय के साथ स्थापित बलिदानी कैप्टन मृदुल शर्मा की प्रतिमा अनदेखी के दंश को बयां कर रही है।
वहीं, वर्षभर बिसराये बलिदानी को कारिगल विजय दिवस पर याद किया जाएगा और मूर्तियों की सूखी फूल मालाएं भी बदली जाएंगी। देश सेवा में बलिदान देने वाले सैनिक की मूर्ति पर सूखी फूल माला और मूर्ति पर उखड़ा पेंट देश सेवा के सम्मान को ठेस पहुंचा रहा है।
इसके अलावा दोसड़का में भी बलिदानी की मूर्ति पर फूल माला ही नहीं है। यहां पर उखड़े हुए पेंट को भी कुछ समय पहले ही ठीक किया गया है। ऐसे में वीरभूमि के नाम से प्रसिद्ध हमीरपुर जिला में वीर सपूतों के बलिदान को याद करने के लिए बलिदान दिवस ही याद आते हैं।
विभागीय लापरवाही और सरकार की अनदेखी के चलते दिन-प्रतिदिन वीर स्मारक स्थल अनदेखी का शिकार हो रहे हैं। कारिगल विजय दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में औपचारिकता के तौर पर फूल मालाएं पहनाने के बाद मूर्तियों पर कई माह तक सूखी फूल मालाएं अनदेखी को उजागर करती हैं।
जिला मुख्यालय की बजाय गांवों में पंचायतों के अलावा मंदिर कमेटियों ने स्मारक स्थलों का जिम्मा और कार्यभार अपने पास संभाला हुआ है। प्रत्येक सप्ताह स्मारक स्थलों की देखरेख को लेकर कार्य होता है, ताकि बलिदानियों के सम्मान में कोई कमी न रहे, लेकिन मुख्यालय में सभी सुविधाएं होने के बाद भी सैनिकों के सम्मान को ठेस पहुंचाई जा रही है। जिले में प्रशासन की ओर से कारगिल विजय दिवस मनाया जाएगा। इसमें कारगिल युद्ध में बलिदान हुए सैनिकों के परिवारों को सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान मृदुल शर्मा स्मारक स्थल पर फूल मालाएं भी चढ़ाई जाएंगी।
शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा स्मारक चौक पर लगी मूर्ति का उखड़ा पेंट। संवाद
शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा स्मारक चौक पर लगी मूर्ति का उखड़ा पेंट। संवाद
शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा स्मारक चौक पर लगी मूर्ति का उखड़ा पेंट। संवाद