हमीरपुर। कोरोना में आयुर्वेदिक पद्धति में बढ़ा लोगों का रुझान अब धीरे-धीरे घटने लगा है। दो सालों में जिला के आयुर्वेदिक संस्थानों में मरीजों की ओपीडी में लगभग 22 हजार की गिरावट आई है।
कोरोना के समय और उसके आगामी कुछ सालों में आयुर्वेदिक पद्धति से हो रहे इलाज में लोगों का विश्वास बढ़ा था। जिला के 70 से अधिक आयुर्वेदिक संस्थानों और डिस्पेंसरियों में लोगों की ओर से विभिन्न रोगों का इलाज करवाया जा रहा है। कोरोना के समय जड़ी-बूटियों से बने काढ़े और चूर्ण के प्रयोग से लोगों को आयुर्वेद की ताकत पता चली थी। वहीं, 2020 में जिला के आयुर्वेदिक संस्थानों और डिस्पेंसरियों में ओपीडी की संख्या 2,19,717 थी।
2021 में 2,26,609, 2022 में 3,01,750 और 2023 में यह संख्या 3,61,265 थी। हालांकि, 2023 के बाद ओपीडी में काफी गिरावट आई है। 2024 में 3,39,343 ओपीडी आयुर्वेदिक संस्थानों में दर्ज की गई। 2023 के मुकाबले 2024 में लगभग 21,922 ओपीडी कम रही है।
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आयुर्वेदिक पद्धति से हो रहे इलाज में लोगों ने संतुष्टी जाहिर की है। लगातार तीन से चार सालों से ओपीडी बढ़ रही है। बीच-बीच में ओपीडी कभी-कभार कम हो जाती है। आयुर्वेदिक पद्धति से हुए इलाज से लोगों को काफी फायदा हुआ है।
-डाॅ. बृजनंदन शर्मा, जिला आयुष अधिकारी