सुजानपुर (हमीरपुर)। पक्की दुकानों का आवंटन होने के बाद भी रेहड़ी-फड़ी धारक चौगान को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। दुकानदार दोनों जगह से कारोबार चला रहे हैं। जबकि नगर परिषद ने चौगान में अस्थायी तौर पर रेहड़ी-फड़ी लगाने के लिए जगह चिह्नित की थी। दो जगह की जा रही दुकानदारी शहर में चर्चा का विषय बन गया है।
नियमों के मुताबिक दुकान के आवंटन के साथ ही पुरानी जगह खाली की जानी थी। दो जगह कारोबार करने को लेकर नगर परिषद ने कोई कार्रवाई नहीं की है। वहीं, दूसरी ओर चौगान में खाली और बंद पड़ी कई रेहड़ियां चौगान की सुंदरता को भी ग्रहण लगा रही हैं। धौलासिद्ध प्रोजेक्ट ने करीब 60 लाख की धनराशि से तीन दर्जन दुकानों का निर्माण किया था। इन दुकानों को नगर परिषद ने किराये पर आवंटित कर दिया है। दुकानों का निर्माण करने से पूर्व रेहड़ी फड़ी धारकों को चौगान में अस्थायी दुकानदारी करने के लिए शिफ्ट किया गया था। लेकिन दुकानें मिलने के बाद भी चौगान में कबाड़ की तरह बंद पड़ी रेहड़ियां चौगान की सुंदरता को ग्रहण लगा रही हैं। कई दुकानदार किराये की दुकानों के अलावा पुरानी जगह पर भी दुकानदारी करके दोहरा लाभ लेकर मजे ले रहे हैं। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार ने कहा कि जल्द ही चौगान का निरीक्षण किया जाएगा और यदि रेहड़ी-फड़ी धारक दो जगह दुकानें चलाते पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि तीन दर्जन दुकानों में 31 दुकानदारों ने एग्रीमेंट बना लिए हैं और ढाई लाख के करीब बकाया राशि जमा हुई है।