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Hamirpur (Himachal) News: लावारिस कुत्तों का बढ़ रहा खतरा, नसबंदी अभियान फाइलों में कैद

Tue, 13 Jan 2026 04:53 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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भोटा बाजार में घूम रहे लावारिस कुत्ते। संवाद
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दो माह बाद भी शुरू नहीं हुआ नसबंदी अभियान, भोटा में लावारिस कुत्तों से दहशत
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नगर पंचायत की ओर से लिखे गए पत्र को लेकर अभी तक शुरू नहीं हुई कवायद
हमीरपुर जिले में लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या पर रोक के लिए होनी थी नसबंदी प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
भोटा (हमीरपुर)। नगर पंचायत भोटा में लावारिस कुत्तों की नसबंदी को लेकर पशुपालन विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा है। नगर पंचायत की ओर से करीब दो माह पूर्व पशुपालन विभाग को लिखे गए पत्र के बावजूद अब तक नसबंदी व टीकाकरण अभियान शुरू नहीं हो सका है। इससे शहर में लावारिस कुत्तों की संख्या बढ़ने और आमजन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।

जिले के सुजानपुर में हाल ही में एक लावारिस कुत्ते द्वारा 28 लोगों सहित अन्य जानवरों पर हमला किए जाने की घटना के बाद नगर पंचायत भोटा ने भी पालतू कुत्तों के पंजीकरण और लावारिस कुत्तों की नसबंदी का अभियान शुरू करने का दावा किया था। इसके तहत पशुपालन विभाग को पत्र लिखकर नसबंदी की मांग की गई थी, लेकिन लंबा समय बीतने के बावजूद यह प्रक्रिया फाइलों से बाहर नहीं निकल पाई है।
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नसबंदी अभियान शुरू न होने से लोगों में लावारिस कुत्तों के हमले का भय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में न तो कुत्तों का टीकाकरण किया गया है और न ही नसबंदी का कोई ठोस प्रयास हुआ है। यदि कोई लावारिस कुत्ता किसी व्यक्ति को काट लेता है, तो उसे अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ते हैं और एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने पड़ते हैं।

लोगों ने नगर पंचायत से मांग की है कि जल्द से जल्द लावारिस कुत्तों के टीकाकरण और नसबंदी की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

कोट्स

नगर पंचायत की ओर से पशुपालन विभाग को पत्र लिखा गया है, लेकिन अभी तक वैक्सीनेशन और नसबंदी का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इस बारे में पशुपालन विभाग ही बेहतर जानकारी दे सकता है।
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- सपना सोनी, अध्यक्ष, नगर पंचायत भोटा

लावारिस कुत्तों को पकड़कर अस्पताल तक लाने की जिम्मेदारी नगर पंचायत की है। यदि कुत्तों को लाया जाता है तो उनकी नसबंदी कर दी जाएगी। इस संबंध में नगर पंचायत से पत्राचार किया जा रहा है।
-डॉ. हितेश जसवाल, चिकित्सक, पशुपालन विभाग भोटा
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