हमीरपुर। स्कूल हमारा मंदिर इसे वीरान मत करो... के नारों की शुक्रवार को जिला मुख्यालय में काफी गूंज रही। हाथों में तख्तियां लेकर कन्या स्कूल धनेटा से मिनी सचिवालय हमीरपुर पहुंची छात्राओं और उनके अभिभावकों ने स्कूल को मर्ज करने के विरोध में नाराजगी जताई।
इस दौरान परीक्षाएं सिर पर हैं और छात्राएं हाथों में तख्तियां लेकर खड़ी हैं... बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और स्कूल हमारा मंदिर है इसे बंद मत करो... के नारे से परिसर गूंज गया। उपायुक्त कार्यालस परिसर में पहुंचने से पूर्व उन्होंने धनेटा बाजार में रैली निकालकार रोष जताया।
शुक्रवार सुबह स्कूल न जाकर छात्राओं ने अभिभावकों के साथ सहायक उपायुक्त अभिषेक गर्ग से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपते हुए अभिभावकों ने कहा कि स्कूलों में प्रैक्टिकल परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। मार्च माह में वार्षिक परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, लेकिन परीक्षाओं के बीच स्कूल को मर्ज करने का निर्णय छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
वहीं, अभिभावकों में नीलम कुमारी, ममता देवी, सारिका, तृप्ता, अनु कुमारी, रुचिका सैनी, अनीता कुमारी, शिवाली देवी ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा व सुविधा को देखते हुए आजादी से पूर्व स्कूल का निर्माण हुआ है। स्कूल में छात्राओं को पढ़ाने के लिए पर्याप्त स्टाफ और सुविधाएं हैं।
स्कूल में छठी से बारहवीं कक्षा तक कुल 68 छात्राएं दाखिल हैं। इसके अलावा स्कूल में प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम संचालित हैं, जबकि मर्ज किए जा रहे स्कूल में आगामी सत्र से सीबीएसई का पाठ्यक्रम शुरू होगा। छात्राओं को प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम पढ़ने के लिए 11 किलोमीटर दूर सेरा या 20 किलोमीटर दूर जौड़े अंब जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि स्कूल में सात पंचायतों की छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं। छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल को मर्ज नहीं किया जाना चाहिए।
स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी
उधर, उच्च शिक्षा विभाग निदेशालय की ओर से छात्राओं की ओर से स्कूल की वर्दी में जिला मुख्यालय में किए गए प्रदर्शन पर कन्या स्कूल धनेटा के प्रबंधन से जवाब तलब किया गया है। स्कूली छात्राएं वर्दी में कैसे जिला मुख्यालय पहुंच गईं, इसे लेकर कारण बताओ नोटिस स्कूल प्रबंधन को जारी हुआ है। स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा गया है कि यह कैसे हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेवार है। हालांकि इस प्रदर्शन में अभिभावकों की भूमिका अहम रही है, जो कि छात्राओं के साथ जिला मुख्यालय में पहुंचे थे।
कोट्स
परीक्षाएं सिर पर हैं और बच्चों को मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। विभाग और सरकार को निर्णय पर विचार करना चाहिए। यह छात्राओं की शिक्षा से जुड़ा मामला है। सरकार से आग्रह है कि इस फैसले को वापस लिया जाए।
-सोनिया ठाकुर, प्रधान, एसएमसी कमेटी कन्या स्कूल, धनेटा
नियमों के तहत अभिभावकों को समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन दिया है और स्कूल में छात्राओं को सुचारू रूप से पढ़ाई करवाने के निर्देश दिए हैं। किसी की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।
-अभिषेक गर्ग एडीसी