हमीरपुर। डिजिटल क्रांति से जहां हर काम आसान हुआ है, वहीं इसका असर प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े कारोबारियों के कारोबार पर पड़ा है। डिजिटल क्रांति से पिछले तीन वर्षों में कारोबार पर करीब 50 फीसदी असर पड़ा है।
हालांकि कारोबारी स्वयं को अपडेट करने में जुटे हैं, लेकिन लाखों रुपये की मशीनरी पर उम्मीदों के अनुसार काम नहीं हो पा रहा है। हमीरपुर जिले में पूर्व समय में प्रिंटिंग प्रेस का काम बहुत ही उम्दा व्यवसाय समझा जाता था। अगर किसी ने विवाह या अन्य मांगलिक कार्य के कार्ड छपवाने होते थे तो वह प्रिंटिंग प्रेस संचालक के पास ही जाता था।
इसके अलावा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम हो या फिर किसी व्यवसाय का प्रचार करना हो तो उसके लिए पंपलेट और कार्ड भी प्रिंटिंग प्रेस के पास ही एक विकल्प होता था, मगर समय के परिवर्तन के साथ-साथ डिजिटल क्रांति आने के बाद प्रिंटिंग प्रेस का काम धीरे-धीरे खत्म होना शुरू हो गया है।
अब लोग डिजिटल रूप से ही अपना प्रचार करते हैं। सोशल मीडिया पर भी कई ऐसे एप आ गए हैं, जिनके प्रयोग से लोग अपने कार्ड स्वयं ही बना रहे हैं। इससे प्रिंटिंग प्रेस के कारोबारियों के कारोबार पर असर देखा जा रहा है।
-
डिजिटल क्रांति के बाद प्रिंटिंग प्रेस के काम पर असर पड़ा है। पहले लोग विवाह और अन्य मांगलिक कार्याें के लिए कार्ड छपवाते थे, लेकिन अब यह काम कम हो गया है। आने वाले समय में यह कार्य और प्रभावित हो सकता है।
-शैलेंद्र गुप्ता, दुकानदार सुजानपुर
करीब तीन वर्षों में 50 फीसदी कार्य प्रभावित हुआ है। लाखों रुपये की मशीनरी अपडेट कर लगाई गई है। आने वाले समय में इस काम पर अधिक प्रभाव पड़ेगा। पहले लोग छोटे से छोटा काम भी करवाते थे, लेकिन अब इस पर असर पड़ा है।
-सुभाष चंद, दुकानदार बड़सर
सुभाष चंद, दुकानदार बड़सर