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बोर्ड ऑफ गवर्नर की बैठक में होगी विवि के शुल्क मामले पर चर्चा

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हमीरपुर। ट्यूशन फीस के अलावा साढ़े सात हजार रुपये की अतिरिक्त शुल्क वसूली के मामले में छात्र संघों का दबाव काम कर गया है। हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय ने इस मामले को बोर्ड ऑफ गवर्नर की बैठक के दौरान चर्चा में शामिल करने का आश्वासन दिया है, लेकिन तब तक विद्यार्थियों को कोई राहत नहीं है। फिलहाल विद्यार्थियों को 25 मई तक निर्धारित शुल्क विवि के खाते में जमा करवानी ही होगी। ट्यूशन फीस के अलावा अतिरिक्त शुल्क जमा करवाना विद्यार्थियों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है।
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एबीवीपी और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने तकनीकी विवि के समक्ष अतिरिक्त फीस वसूली का मामला जोरशोर से उठाया है। जिसके बाद विवि प्रशासन की तरफ से शनिवार को लिखित में बयान आया है। तकनीकी विवि के अधिष्ठाता शैक्षणिक एवं जनसंपर्क अधिकारी प्रो. कुलभूषण चंदेल ने जारी बयान में कहा कि जब से तकनीकी विवि ने अपने परिसर में आठ विषयों की कक्षाएं शुरू की हैं, तब से लेकर अभी तक कोई फीस नहीं बढ़ाई गई है। छात्र संगठन आए दिन आम विद्यार्थियों को भ्रमित कर रहे हैं। जहां तक छात्र संगठन पीजी विषयों के विद्यार्थियों की ट्यूशन फीस के अलावा अन्य शुल्क को माफ करने की मांग उठा रहे हैं तो यह मामला इसी महीने प्रस्तावित तकनीकी विवि के शासक मंडल (बीओजी) की बैठक में रखा जाएगा।
शासक मंडल की बैठक में चर्चा के बाद ही इस पर कोई निर्णय लिया जाएगा। तकनीकी विवि प्रबंधन हमेशा विद्यार्थियों के हित में फैसला लेता है, कोरोना के इस दौर में किसी भी प्रकार का शुल्क बढ़ाना तर्कसंगत नहीं है। उधर, विवि के कुलपति प्रो. एसपी बंसल ने कहा कि विश्वविद्यालय हर समय विद्यार्थियों के हित में संवेदनशील रहा है। तकनीकी विवि की बीओजी की बैठक में सभी सदस्यों के समक्ष यह मामला रखा जाएगा।
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