हमीरपुर। डॉ राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में आपातकालीन कक्ष के साथ ही कोरोना टेस्टिंग काउंटर बनाया जा रहा है। यहीं पर ही अस्पताल का मुख्य प्रवेश द्वार भी है। इस जगह मरीजों व तीमारदारों की अधिक चहलकदमी रहती है। ऐसे में यहां कोरोना टेस्टिंग के लिए लगने वाली भीड़ से संक्रमण का खतरा रहेगा। यहीं से ही आपातकालीन कक्ष में मरीज आते हैं और यहीं से ही आंख व ईएनटी ओपीडी सहित अन्य वार्डों के लिए मरीज व तीमारदार गुजरते हैं।
ऐसे में अगर यहां कोरोना टेस्टिंग शुरू होगी तो यहां संदिग्ध कोरोना मरीजों की भीड़ भी रहेगी। ऐसे में प्रवेश द्वार से आवाजाही करने वालों और आपातकालीन कक्ष को आवाजाही करने वालों को संक्रमण का खतरा अधिक रहेगा। यही नहीं यहां पर अगर 10 मरीज एक साथ कोरोना सैंपलिंग के लिए आएंगे तो उन्हें सामाजिक दूरी रखकर यहां खड़ा करने के लिए जगह भी नहीं है। दूसरी तरफ कैश काउंटर पर भी लोगों को भीड़ रहती है। ऐसे में यहां टेस्टिंग करना संक्रमण को बढ़ावा दे सकता है।
लोगों में राजीव कुमार, जोगिंदर कुमार, संतोष, राजकुमार आदि का कहना है कि यहां पर टेस्टिंग शुरू होने से अस्पताल आने वाले व आपातकालीन कक्ष जाने वालों को संक्रमण का अधिक खतरा रहेगा। अस्पताल प्रबंधन को इस काउंटर को यहां से शिफ्ट करना चाहिए या आपातकाल कक्ष व कैश काउंटर को यहां से शिफ्ट कर इस रास्ते से आवाजाही बंद कर देनी चाहिए। उधर, मेडिकल कॉलेज में नॉर्मलस्लाइन ग्लूकोस भी नहीं है। अस्पताल में दाखिल होने वाले अधिकतर मरीजों को यह ग्लूकोस लगता है, लेकिन निशुल्क मिलनेे वाले इस ग्लूकोस के लिए लोगों को रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। एमएस डॉ रमेश चौहान ने कहा कि काउंटर पर शाम व रात को ही अधिकतर टेस्ट होंगे। सैंपल लेने वाले कर्मचारियों को यहां बैठने की व्यवस्था की गई है। ग्लूकोस के बारे में पता कर इसके आर्डर करवाए जाएंगे।