जाहू (हमीरपुर)। तीन जिलों के संगम स्थल जाहू में आयोजित सात दिवसीय मेवा उत्सव की तीसरी और अंतिम सांस्कृतिक संध्या प्रसिद्ध लोक गायक गौरव कौंड़ल और कुसुम जस्सी के नाम रही। दोनों कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ पूर्व जिला परिषद सदस्य एवं समाजसेवी संदीप चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर मेवा उत्सव कमेटी के अध्यक्ष एवं खंड विकास अधिकारी भोरंज कुलवंत सिंह ने उन्हें स्मृति चिह्न, शॉल और टोपी पहनाकर सम्मानित किया।
इस दाैरान लोक गायिका कुसुम जस्सी ने ‘वाहों में चले आओ’ गीत से कार्यक्रम की शुरुआत की और इसके बाद ‘प्यार करने वाले’, ‘कोई मिल गया’, ‘कजो नैन मिलाए दिला मेरेया’ सहित कई गीतों से खूब तालियां बटोरीं।
वहीं, ‘वॉइस ऑफ पंजाब’ से पहचान बनाने वाले गौरव कौंड़ल ने ‘दिल पे जख्म खाते हैं’ गजल से अपनी प्रस्तुति शुरू की। इसके बाद ‘कजरा मोहब्बत वाला’, ‘गुड़ नाल इश्क मीठा’, ‘रब्बा लग न किसी नू जाए’, ‘चल मेले चलिए’ और लच्छी-लच्छी लोक गलांदे... जैसे लोकप्रिय गीतों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
वहीं, कलाकार कुलदीप ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। अंतिम संध्या होने के कारण कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर भोरंज के विधायक सुरेश कुमार, विजय बन्याल, राकेश गोल्डी, नायब तहसीलदार कश्मीर खान सहित अन्य गण्यमान्य लोग मौजूद रहे।
प्रसिद्ध लोक गायिका कुसुम जस्सी मेवा उत्सव में अपनी सुंदर प्रस्तुति देते हुए। संवाद