फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hamirpur (Himachal) News: कोमा में मौत से जूझ रही अनाथ लड़की को अस्पताल में छोड़ भागे आरोपी साथी

Fri, 09 Jan 2026 01:03 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
विज्ञापन
विज्ञापन
हमीरपुर। सदर थाना के तहत पेश आई वारदात के बाद सड़क दुर्घटना में घायल हुई युवती एम्स में कोमा की हालत में मौत से जूझ रही है। यह युवती अनाथ है, जो कि अपनी नानी के पास रहती है। कुछ वर्ष पहले उसके माता-पिता की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन

इस घटना ने कानून व्यवस्था के सामाजिक ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मामले में संलिप्त दो आरोपियों पर 10 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे में इन आरोपियों के साथ एक लड़की की मौजूदगी और ऊपर से गुंडागर्दी जैसी वारदात ने समाज को झकझोर दिया है। मामले में संलिप्त एक आरोपी पर चि्टटा बरामदगी और हत्या के प्रयास, मारपीट और एक्साइज एक्ट के तहत केस दर्ज हैं, जिसने इस घटना को और गंभीर बना दिया है।
दुर्घटना के बाद एक प्रत्यक्षदर्शी ने घायल लड़की और लड़कों को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में पहुंचाया, तो लड़के उस लड़की को वहीं छोड़कर भाग गए। जब सोशल मीडिया पर आरोपी युवकों की करतूत का वीडियो बड़े स्तर पर प्रसारित हुआ तो युवक थाना में पहुंच गए।
विज्ञापन

गौर हो कि सलासी में बस में तोड़-फोड़ की बस मालिक से जानकारी मिलने के बाद एक निजी बस ऑपरेटर विजय ठाकुर मौके पर जा रहे थे। जब वह पक्का भरो चौक से पीछे जनता बेकरी के पास पहुंचे तो उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त कार को देखा। हादसे में घायल लड़की मदद के लिए चिल्ला रही थी। लहूलुहान लड़की और अन्य घायल दो लड़कों को विजय ठाकुर अपनी गाड़ी में बैठाकर मेडिकल कॉलेज में लाए। यहां पर उनको उपचार के लिए मदद करने के बाद विजय सलासी के लिए गए। पक्का भरो में पुलिस कर्मियां से उन्हें बस में तोड़-फोड़ की घटना की पूरी जानकारी मिली।
विजय ठाकुर ने कहा कि जब दूसरी बार पुलिस टीम के साथ वापस मेडिकल कॉलेज में पहुंचे तो पुलिस को देखकर युवक वहां से भाग गए। इसके बाद लड़की के बारे में सूचना एकत्र की गई और उसकी नानी और मामा को सूचित किया गया। इसके बाद लड़की को गंभीर हालत में एम्स रेफर किया गया।


विजय के प्रयास से बच सकता है लड़की का जीवन
निजी बस ऑपरेटर विजय ठाकुर के नेक प्रयास से घायल लड़की के बचने की उम्मीद है। विजय घायल को खुद एम्स बिलासपुर ले जाने के लिए तैयार थे, लेकिन चिकित्सकों के परामर्श और पुलिस की सलाह पर परिजनों को सूचित करने के बाद ही उसे रेफर किया गया, ताकि कोई कानूनी दिक्कत पेश न आए। विजय का कहना है कि लड़की की जान बच जाए, यह जरूरी है। मामले में कानूनी रूप से पुलिस अपना कार्य कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें