संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। युवाओं में नशे का चलन दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। अब टेस्टिंग ड्रग किट्स से नशे की लत में फंसे स्कूली बच्चों की पहचान होगी। अभिभावकों की सहमति से स्कूली बच्चों के यूरिन टेस्ट होंगे। ये टेस्ट नए दिशा केंद्रों में होंगे।
यह केंद्र मेडिकल कॉलेज सहित छह स्वास्थ्य खंडों में हैं, जिस अस्पताल में बीएमओ बैठते हैं। ऐसे में टेस्टिंग ड्रग किट्स के माध्यम से अभिभावक यह पता लगा सकते हैं कि उनका बच्चा नशे का सेवन करता है कि नहीं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस दिशा में कवायद शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगभग 700 टेस्टिंग ड्रग किट्स जिला के स्वास्थ्य खंडों और मेडकिल कॉलेज हमीरपुर को भेजी हैं।
जिला में छह स्वास्थ्य खंड हैं। प्रत्येक खंड को 100-100 किट और मेडिकल कॉलेज को भी 100 किट भेजी हैं।
अभिभावकों की स्वेच्छा से उनके बच्चों का टेस्ट किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि टेस्टिंग ड्रग किट्स का इस्तेमाल सुचारू रूप से होना चाहिए, ताकि नशा कर रहे बच्चों का पता लगाया जा सके।
पता चलने पर उन बच्चों की काउंसलिंग भी शुरू हो जाएगी। इसके अलवा जिन बच्चों को इलाज की जरूरत होगी, उनका इलाज भी सुनिश्चित किया जाएगा।