मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के जोलसप्पड़ कैंपस के लिए स्वास्थ्य विभाग के नाम हुई 15 हेक्टेयर जमीन
मुख्यमंत्री के निर्देश पर वन विभाग ने केंद्रीय मंत्रालय से उठाया था अंतिम एफसीए देने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर (जोलसप्पड़) को वन विभाग से 15.532 हेक्टेयर भूमि मिल गई है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की अंतिम मंजूरी के बाद यह भूमि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के नाम हो गई है। दोनों संस्थानों के निर्माण के लिए 93़33 करोड़ की राशि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने लोक निर्माण विभाग हमीरपुर को सौंप दी है।
ऐसे में अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर यहां पर निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मंत्रालय ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन हिमाचल प्रदेश को पत्र के जरिये इस बारे में सूचित कर दिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू खुद इस प्रोजेक्ट की समीक्षा कर रहे हैं। वन भूमि का स्वास्थ्य विभाग के नाम हस्तांतरण होने से अब निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।
मेडिकल कॉलेज में इस भूमि पर कैंसर अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज, 300 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, मदर एंड चाइल्ड अस्पताल और डॉक्टरों एवं स्टाफ के लिए क्वार्टर बनेंगे। 15 हेक्टेयर भूमि और मिलने से इन भवनों के निर्माण में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री सुक्खू के निर्देश पर वन विभाग ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के समक्ष अंतिम एफसीए देने का मामला उठाया हुआ था। 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाला कैंसर अस्पताल का निर्माण होगा। यहां पर नार्थ जोन का आधुनिक स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, नर्सिंग कॉलेज, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल भी जोलसप्पड़ में ही स्वीकृत किया है ताकि एक ही स्थान पर अनेक बीमारियों का उचित उपचार हो सके।
सरकार कैंसर अस्पताल के निर्माण के लिए अब तक 90 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। नर्सिंग कॉलेज और हॉस्टल का निर्माण दस करोड़ रुपये की लागत से होना है, सरकार अब तक 3.33 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। भूमि हस्तांतरण की अंतिम मंजूरी आने के बाद अब कैंसर अस्पताल और अन्य भवनों का निर्माण कार्य तेजी से हो सकेगा। 15 हेक्टेयर भूमि स्वास्थ्य विभाग के नाम न होने से नए भवनों का निर्माण कार्य सिरे चढ़ाने में देर हो रही थी।
कोट
पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी के बाद अब यह जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम हो गई है। मंत्रालय से अंतिम मंजूरी मिल गई है। लोक निर्माण विभाग को इसके लिए बजट भी जारी कर दिया है।
-डॉ रमेश भारती, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर