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भोरंज के तहसीलदार हो सकते हैं चार्जशीट

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हमीरपुर। तहसीलदार भोरंज पर चार्जशीट की तलवार लटक गई है। उन पर बिना सूचना के ड्यूटी से गायब रहने के आरोप लगे हैं। उपायुक्त हमीरपुर ने इस संदर्भ में कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव श्रीकांत बाल्दी को रिपोर्ट भेज दी है। मुख्य सचिव से जवाब आने के बाद तहसीलदार के खिलाफ आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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बता दें कि जिला हमीरपुर में सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों के गायब रहने की शिकायतें उपायुक्त हमीरपुर को मिल रही हैं। लोगों की शिकायत है कि कई बार तहसील कार्यालयों में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी समेत अन्य कर्मचारी नहीं मिल रहे, जिससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत मिलने के बाद उपायुक्त हमीरपुर ने जिलाभर के सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण अभियान छेड़ रखा है। इस क्रम में सबसे पहले उन्होंने नादौन तहसील का निरीक्षण किया था। जिसके बाद उन्होंने बड़सर तहसील का दौरा किया। हाजिरी रजिस्टर पर हस्ताक्षर न होने और कर्मचारियों के कार्यालय से अनुपस्थित रहने पर उन्होंने तहसीलदार बड़सर से जवाब मांगा था। इसके बाद उपायुक्त हमीरपुर ने वीरवार को भोरंज तहसील का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार अपनी कुर्सी पर नहीं मिले। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी तहसीलदार ने न तो फोन उठाया और न ही कार्यालय में लौटे। एसडीएम डॉ. अमित शर्मा वीरवार को ग्लोबल इन्वेस्टर मीट में भाग लेने के लिए धर्मशाला गए हुए थे। उपमंडल में एसडीएम के बाद तहसीलदार के कंधों पर ही सारा दायित्व था। लेकिन, तहसीलदार खुद ही मौके पर गायब पाए गए। जिसके बाद उपायुक्त तहसील के रजिस्टर पर नोटिंग डाल कर लौट आए।
सरकार के आदेशों के बाद विभागीय कार्रवाई होगी
तहसील भोरंज का औचक निरीक्षण किया गया। तहसीलदार बिना बताए ड्यूटी से गायब मिले। इसकी सूचना प्रदेश सरकार और मुख्य सचिव को भेज दी है। सरकार के आदेशों के बाद उनके खिलाफ चार्जशीट और अन्य विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ड्यूटी में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। लोगों की सेवा करना प्रत्येक अधिकारी की प्राथमिकता होनी चाहिए।
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हरिकेश मीणा, उपायुक्त हमीरपुर।
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