सिविल अस्पताल भोरंज का भवन। संवाद
भोरंज(हमीरपुर)। सिविल अस्पताल भोरंज में एक्सरे तकनीशियन होने के बाद भी एक वर्ष से एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। आपात स्थिति में मरीजों को एक्सरे करवाने के लिए निजी लैबों में भटकना पड़ रहा है।
इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में पिछले एक वर्ष से एक्सरे मशीन खराब है। ऐसे में मरम्मत न होने से मशीन शोपीस बनी हुई है। अस्पताल में वर्ष 2008 में एक्सरे मशीन के साथ तकनीशियन की नियुक्ति की गई थी, ताकि अस्पताल में मरीजों को निशुल्क एक्सरे की सुविधा प्रदान की जा सके, लेकिन एक्सरे मशीन की मरम्मत न होने से तकनीशियन चाहकर भी मरीजों के एक्सरे नहीं कर पा रहे हैं।
ग्रामीणों में सुरेश सिंह, विनोद कुमार राकेश, रणजीत सिंह, कपिल, दिनेश ने कहा कि अस्पताल में प्रतिदिन 450 के करीब ओपीडी है। लोग प्राथमिक उपचार सहित स्वास्थ्य लाभ के लिए अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन उपचार न मिलने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक्सरे मशीन की मरम्मत के लिए कई बार स्वास्थ्य विभाग से मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने विभाग से समस्या का समाधान करने का अनुरोध किया है।
कोट
अस्पताल में स्थापित एक्सरे मशीन पुरानी हो चुकी है और मैकेनिक ने इसे कंडम घोषित कर दिया है। नई मशीन की खरीदारी के लिए उच्च अधिकारियो को लिखा गया है।
-डॉ. ललित कालिया, बीएमओ भोरंज