राज्यपाल ने विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के प्रधानाचार्यों की कार्यशाला का किया शुभारंभ। स्रोत :
हमीरपुर। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने शनिवार को हमीरपुर के बणी में विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के प्रधानाचार्यों की चार दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि विद्या भारती संस्थान का समाज के उत्थान में बहुमूल्य योगदान रहा है। यहां से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थी समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। कार्यशाला में 500 से अधिक प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। राज्यपाल ने कहा कि विद्या भारती की नींव उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में रखी गई थी और आज इसका विस्तार कई शहरों तक हो चुका है।
विद्या भारती ने देश में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शिक्षा के क्षेत्र में सबसे बड़ा गैर-सरकारी संगठन होने के नाते विद्या भारती की ओर से देश में हजारों विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है और ग्रामीण व अर्द्ध शहरी क्षेत्रों में बहुत अच्छा कार्य किया जा रहा है। नए पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक लागू करना शिक्षकों के नेतृत्व की क्षमता, उनके दृष्टिकोण और समर्पण पर निर्भर करता है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि एक जीवंत, समावेशी और क्रियाशील शिक्षा तंत्र बनाएं, ताकि हर विद्यार्थी अपने संभावित लक्ष्य को प्राप्त कर सके। राज्यपाल ने विद्या भारती की ओर से प्रकाशित भारत की समृद्ध संस्कृति को प्रस्तुत करती पुस्तकों का भी विमोचन किया। इससे पूर्व विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के महामंत्री देशराज शर्मा ने देश में शिक्षा के क्षेत्र में चलाई जा रही गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान विधायक इंद्रदत्त लखनपाल और अन्य व्यक्ति उपस्थित रहे।