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गाड़ियां खड़ी रहने से टैक्सी ऑपरेटरों को रोजी-रोटी का संकट

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हमीरपुर। कोरोना कर्फ्यू से बंद टैक्सी व्यवसाय से टैक्सी ऑपरेटरों को खाने के लाले पड़े हुए हैं। इन्हें जहां टैक्स की चिंता सता रही है, वहीं लोन और गाड़ियों के खड़े-खड़े खत्म हो रही इंश्योरेंस के कारण भी इन्हें मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। वीरभूमि टैक्सी ऑपरेटर यूनियन हमीरपुर के प्रधान विजय कुमार ने कहा कि टैक्सी व्यवसाय से जुड़े लोगों के बारे में भी सरकार ध्यान दे। इस व्यवसाय से जुड़ी हुई गाड़ियां कई दिनों से घरों में खड़ी हैं और लोगों को खाने के लाले पड़े हुए हैं। बैंकों की किस्तें और टैक्स की चिंता सता रही है।
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टैक्सी ऑपरेटरों ने सरकार से मांग की है कि सभी टैक्सी के लोन को 5 साल के लिए आगे बढ़ाया जाए और हर टैक्सी का पैसेंजर व टोकन टैक्स 3 साल के लिए माफ किया जाए। प्रत्येक टैक्सी ऑपरेटर को महीने का 10000 रुपये गुजारा भत्ता दिया जाए, ताकि वह अपने परिवार को पाल सके और अपने घर की रोजी-रोटी चला सके। पिछले 15 महीने से गाड़ियां सुचारु रूप से चल नहीं रही हैं और टैक्स व लोन ने कमर तोड़ दी है।
15 माह से खड़ी गाड़ियों की इंश्योरेंस भी खत्म हो रही है। सरकार इन गाड़ियों की इंश्योरेंस को भी 2 साल के लिए आगे बढ़ाए। टैक्सी ऑपरेटरों अशोक कुमार, राम लाल, संजीव, महेंद्र कुमार, बिट्टू आदि ने सरकार से टैक्सी ऑपरेटरों की मांगें पूरी करने की गुहार लगाई है अन्यथा प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
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