हमीरपुर। जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. सरिता राणा की अध्यक्षता में मंगलवार को बैठक का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश सरकार की ओर से आयुष विभाग के माध्यम से कोविड-19 होम आइसोलेट मरीजों के लिए प्रारंभ किए गए आयुष घर द्वार कार्यक्रम की समीक्षा की गई।
डॉ. सरिता राणा ने बताया कि यह एक कल्याणकारी ऑनलाइन कार्यक्रम है। इस योजना के अंतर्गत जिला हमीरपुर में 76 वर्चुअल ग्रुप बनाए गए हैं, जिनमें आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट, आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के प्रशिक्षित स्वयंसेवी प्रतिदिन सुबह और शाम योग एवं ध्यान सत्र का आयोजन कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त संक्रमित मरीजों से दूरभाष एवं सोशल मीडिया पर भी संपर्क कर उन्हें आवश्यक सलाह और परामर्श दिया जा रहा है। अभी तक 993 आइसोलेट मरीजों को इस कार्यक्रम में जोड़ा जा चुका है। जल्द ही गृह पृथकवास में चल रहे जिले के सभी संक्रमित मरीजों को इसमें जोड़ दिया जाएगा, ताकि सभी को इसका लाभ मिल सके।
बैठक में कहा गया कि जिला आयुर्वेदिक अधिकारी स्वयं प्रतिदिन मरीजों से संपर्क कर उनसे कार्यक्रम का फीडबैक ले रही हैं। इस कार्यक्रम में मरीजों को प्राणायाम, योग व ध्यान से मानसिक व शारीरिक बल प्रदान किया जा रहा है। इस अवसर पर ऑर्ट ऑफ लीविंग संस्था के जिला प्रमुख राजेश और नोडल अधिकारी डॉ. लोकेश कतना भी उपस्थित रहे।