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Hamirpur (Himachal) News: कानों पर टैग, सड़कों पर लावारिस पशु, नियम-कायदे दफ्तरों में कैद

Wed, 29 Jan 2025 11:54 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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सुजानपुर चौगान में मौजूद लावारिस पशु। संवाद
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हमीरपुर। पशुओं को लावारिस छोड़ने वालों पर कार्रवाई करने के दावे धरे के धरे रह गए हैं। हजारों पशुओं के कान पर टैग लगे हैं, फिर भी ये सड़कों पर घूमने के साथ फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इन्हें किसने छोड़ा, इसकी न पंचायतों और न ही संबंधित विभाग को खबर है। सरकार से कारगर नीति बनाने की मांग के साथ ही जुर्माना राशि कम होने का तर्क दे रहे हैं। मगर व्यवस्था कोई नहीं बना पा रहा है।
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पशुपालन विभाग ने 2018 से पहचान के लिए पशुओं की को टैग लगाने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन इसका भी अपेक्षित असर नहीं दिखा। हालात यह है कि हजारों लावारिस पशु किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान खेतीबाड़ी छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। मगर जिम्मेवार अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि खामोश हैं। पशु लावारिस छोड़ने वालों को जुर्माना लगाने की शक्तियां विभाग और पंचायतों के कार्यालय से बाहर नहीं आ पा रही है।
यही वजह है कि हमीरपुर में एक भी पंचायत ने आज तक किसी को पशुओं को लावारिस छोड़ने पर जुर्माना नहीं लगाया। यदि किसी पशु मालिक को पशुओं को बेसहारा छोड़ते पकड़ा जाता है तो पहली बार 500 रुपये और दूसरी बार 700 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। मगर इतना कम जुर्माना होने के बाद भी जुर्माना करने में पंचायतें गुरेज करती हैं। जिला हमीरपुर के पांचों विधानसभा क्षेत्रों में करीब 1125 पशु सड़कों पर लावारिस हालत में हैं।
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क्या कहते हैं क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधि

हमारे पास बजट कम है, लेकिन हम गांव वालों के सहयोग से कुछ बेसहारा पशुओं को गोशाला भेज चुके हैं। हालांकि पशुओं को लावारिस छोड़ने वालों पर जो जुर्माना लगता है, वह बहुत कम है। -रेखा, प्रधान, ग्राम पंचायत दाड़ला

बेसहारा पशुओं की समस्या काफी गंभीर है। प्रशासन को इसे हल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। लोगों को भी अपने पशुओं को लावारिस हालात में नहीं छोड़ना चाहिए। -कुलवीर, प्रधान, ग्राम पंचायत डिडवीं टिक्कर


बेसहारा पशु खेती के लिए भी समस्या बने हुए हैं। सरकार को लावारिस पशुओं के लिए कारगर नीति बनानी चाहिए। कुछ टैग लगे पशु मिले थे, उन्हें उनके मालिकों के पास पहुंचा दिया था। -वीरेंद्र पाल, प्रधान, बड़ैहर

लावारिस पशुओं की समस्या काफी गंभीर है। जुर्माने की राशि काफी कम है। इसे बढ़ाया जाना चाहिए। अगर जुर्माना राशि अधिक होगी तो लोग लावारिस पशु छोड़ने से पहले दो बार सोचेंगे। -किशोर चंद, प्रधान ग्राम पंचायत भुक्कड़



पशुपालन विभाग की ओर से गौसदनों का निर्माण किया गया है, जहां पर बेसहारा पशुओं को रखा जाता है। जिले में 28 गौसदन और 1 गो अभ्यारण्य है, जिसमें 2236 पशु रखे गए हैं। गोसदनों में पशुओं को उचित सुविधाएं दी जाती हैं। जिला में लावारिस पशुओं की संख्या 1125 है। -डॉ. अजय, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग हमीरपुर
पंचायतों को यह अधिकार प्राप्त है कि अगर कोई टैग लगा हुआ पशु मिलता है तो टैग के माध्यम से उसके मालिक का पता लगाकर जुर्माना लगाया जा सकता है। लेकिन जुर्माना राशि को बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि इस समस्या का प्रभावी समाधान हो सके। -शशिबाला, जिला पंचायत अधिकारी, हमीरपुर

सुजानपुर चौगान में मौजूद लावारिस पशु। संवाद

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