सुजानपुर(हमीरपुर)। नगर परिषद सुजानपुर में डिफाल्टर करदाताओं की मनमानी से वित्तीय संकट गहराता जा रहा है। नौ वार्डों में सफाई व्यवस्था पर प्रतिमाह 11 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद बकाया राशि एक करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है, जिसका सीधा असर सफाई सेवा पर पड़ रहा है।
नगर परिषद के अंतर्गत नौ वार्ड आते हैं, जहां डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की सुविधा उपलब्ध है। सफाई कर्मी नियमित रूप से घर-घर जाकर कचरा एकत्रित करते हैं और इसके लिए 60 से 100 रुपये प्रति घर शुल्क वसूला जाता है, लेकिन बकाया राशि न चुकने के कारण सफाई कर्मियों का वेतन, गाड़ियों का तेल और कचरा निपटान का खर्च निकालना मुश्किल हो गया है।
नगर परिषद को कचरा संग्रहण सेवा से प्रतिवर्ष लगभग सात लाख रुपये की आय होती है। यह राशि कुल खर्च के मुकाबले बहुत कम है, और डिफाल्टर करदाताओं की मनमानी के कारण परिषद के कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
कोट
शीघ्र ही कचरा शुल्क की बकाया राशि की वसूली को लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि नगर परिषद का कार्य प्रभावित न हो।
-हर्षित शर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सुजानपुर