बड़सर (हमीरपुर)। उपमंडल बड़सर में स्थित चकमोह महाविद्यालय में एमए (स्नातकोत्तर) की कक्षाएं बंद करने पर शुक्रवार को स्थानीय युवक मंडल चकमोह और कॉलेज के विद्यार्थियों ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद विद्यार्थियों व युवक मंडल के सदस्यों ने महाविद्यालय के प्राचार्य को कॉलेज में पुन: एमए की कक्षाएं शुरू करने के लिए मांग पत्र सौंपा। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से पुलिस टीम भी विशेष तौर पर मौजूद रही। चकमोह कॉलेज प्रशासन और बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से चकमोह महाविद्यालय में कुछ समय पूर्व एमए हिंदी और संस्कृत की कक्षाएं बंद करने का निर्णय लिया गया। कॉलेज प्रशासन के अनुसार एमए में बहुत कम विद्यार्थियों के दाखिले लेने के कारण यह फैसला लिया गया। वहीं, छात्रों और युवक मंडल का यह कहना है कि पिछले काफी समय से कॉलेज प्रशासन इसकी तैयारी कर रहा था, वहीं कॉलेज में एमए हिंदी और संस्कृत विषय में शिक्षकों के पद काफी समय से रिक्त चल रहे थे। इससे अब कॉलेज में दोनों विषयों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जोकि छात्रों के साथ अन्याय है। इससे पहले भी युवक मंडल इस मुद्दे को लेकर धरना प्रदर्शन कर चुका है लेकिन कॉलेज प्रशासन की ओर से समस्या का समाधान नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों संजीव शर्मा, राकेश कुमार, रोहित, अक्षय, रूद्रांस, आकृति, शिल्पा आदि ने कहा कि एमए की कक्षाएं बंद करना सरासर छात्रों के हितों से खिलवाड़ है और प्रशासन को इस तानाशाही फैसले को वापस लेना पड़ेगा। अगर ऐसा नहीं किया जाता तो वह उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। अगर यहां स्नातकोत्तर की कक्षाएं बंद होती हैं तो विद्यार्थियों को 35 किलोमीटर का सफर तय कर हमीरपुर कॉलेज जाना पड़ेगा। जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होगी।
इस बारे में चकमोह कॉलेज के प्राचार्य नरेश कुमार ने कहा कि एमए की कक्षाएं बंद करने का फैसला सरकार के निर्देशों के अनुसार लिया गया है। वर्तमान में काफी कम छात्र एमए में दाखिला ले रहे थे, जिस कारण यह फैसला अस्थायी तौर पर लिया गया है। पूरी तरह से कक्षाएं बंद नहीं की गई हैं। जैसे ही छात्रों का पंजीकरण बढ़ता है तो कॉलेज में पुन: एमए की कक्षाएं शुरू करने पर विचार किया जाएगा।