बड़सर (हमीरपुर)। उपमंडल बड़सर के एकमात्र संस्कृत महाविद्यालय में शास्त्री की पांच वर्षीय डिग्री करने वाले विद्यार्थियों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। महाविद्यालय में पांच वर्षीय कोर्स में पढ़ने वाले विद्यार्थियों भानु शर्मा, अखिल कुमार, करण शर्मा, अभिषेक शर्मा, आंचल, अंकिता, साक्षी, दीक्षा आदि ने कहा कि हिमाचल सरकार में शिक्षा मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने एक माह पहले एक बयान दिया। इसमें उन्होंने बीए करने वाले विद्यार्थियों को जिन्होंने अतिरिक्त विषय संस्कृत रखा हो उन्हें भी शास्त्री के समकक्ष करने की बात कही। अब इसके विरोध में ये विद्यार्थी लामबंद हो गए हैं। संस्कृत महाविद्यालय उत्तर भारत के प्रसिद्ध पीठ बाबा बालक नाथ ट्रस्ट के भीतर संचालित किया जाता है। इस महाविद्यालय से कई लोग शास्त्री और साहित्य में पढ़ाई करते हैं।
यहां पर न केवल हमीरपुर बल्कि हिमाचल के अन्य जिलों से भी विद्यार्थी पढ़ाई करने आते हैं। लेकिन, अब यहां पर यह नया विवाद खड़ा हो गया है। महाविद्यालय में इन विद्यार्थियों की ओर से धरना प्रदर्शन का दौर जारी है। विद्यार्थी नारेबाजी कर इस नए आदेश का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो पांच वर्ष शास्त्री विषय में पढ़ाई करने का क्या लाभ है। इस आदेश के कारण शास्त्री करने वाले विद्यार्थियों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा और परंपरागत शास्त्र पढ़ने वाले शास्त्री कम होना शुरू हो जाएंगे। इन विद्यार्थियों ने कहा कि अब सरकारी अध्यापक के लिए भी अगर बीए के विद्यार्थियों को मान्यता दी जाएगी, तो शास्त्री करने वाले विद्यार्थी क्या करेंगे। अगर इस तरफ सरकार बढ़ती है तो लगातार विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, चकमोह और संस्कृत महाविद्यालय के प्रधानाचार्य नरेश ठाकुर ने कहा कि उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत की और वे एक बयान को लेकर विरोध कर रहे हैं। महाविद्यालय तक ऐसा कोई आदेश नहीं पहुंचा है। हालांकि, विद्यार्थियों का कहना है कि पहले इस तरह से गुरुकुल भी समाप्त किए गए और अब संस्कृत कॉलेज और शास्त्री करने वालों पर भी इसी तरह का खतरा मंडरा रहा है।