हमीरपुर में हड़ताल के दौरान नारेबाजी करते बैंक कर्मचारी।
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। दो वर्षों से अधिक समय से लंबित वेतन समझौते पर कोई भी प्रगति न होने पर राष्ट्रीय बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी वर्ग से जुड़े 9 संगठनों ने यूनाइटेड फोरम फॉर बैंक यूनियन के बैनर तले दो दिवसीय हड़ताल का शुभारंभ किया। हड़ताल के चलते पहले दिन बैंकों का कामकाज ठप रहा। इसके चलते लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। पंजाब नेशनल बैंक मंडल कार्यालय के तहत 94 शाखाएं, दो एलडीएम कार्यालय, दो आरसेटी कार्यालय और 95 एटीएम बंद रहे। वहीं एसबीआई समेत अन्य राष्ट्रीय बैंकों की करीब 150 शाखाएं हड़ताल के चलते बंद रहीं। इस कारण लोगों को लेन-देन सहित बैंक संबंधी अन्य कार्य करवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वहीं सभी सरकारी बैंकों को दिनभर कोई लेनदेन न होने के कारण करोड़ों का नुकसान हुआ। ऑल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर फेडरेशन के मंडल अध्यक्ष प्रदीप कौंडल और मंडल सचिव रविंद्र द्विवेदी ने सरकार के रवैये पर रोष व्यक्त किया और वेतन समझौते, पेंशन, मर्जर एवं निजीकरण आदि मुद्दों को संवेदनापूर्ण तरीके से हल करने की गुजारिश की। प्रदीप कौंडल ने कहा कि बैंक कर्मियों की सेटलमेंट नवंबर 2017 से लंबित है, लेकिन आईबीए ने इस पर कोई कदम नहीं उठाया। यूएफबीयू की बैठक में वेतन वृद्धि की 20 प्रतिशत की मांग के बदले में साढ़े तेरह प्रतिशत का प्रस्ताव रखा गया। जो कि हमें मंजूर नहीं है। इसके साथ ही बैंकों का सप्ताह में पांच दिन के कामकाज की मांग को भी नहीं माना गया। स्टेट बैंक ऑफिसर यूनियन से रिजनल सचिव प्रेम नाथ ने कहा कि सरकार अगर बैंकर समुदाय की जायज मांगों पर नकारात्मक नजरिया जारी रखती है तो यूनियन फिर से मार्च माह में 3 दिन और 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेगी।