बटाहली गांव में केरल के अजिमाला तट की तर्ज पर नादौन में ब्यास तट पर स्थापित हुई भगवान शिव के गं
- फोटो : kathua
नादौन(हमीरपुर)। केरल के प्रसिद्ध अजिमाला समुद्र तट पर स्थापित भगवान शिव के गंगाधरेश्वर स्वरूप की सुंदर मूर्ति नादौन की फस्टे पंचायत के बटाहली गांव में श्री बिल्वकालेश्वर मंदिर के प्रांगण में भी तैयार की गई है, जिसकी ऊंचाई लगभग 20 फीट है।
इस स्वरूप की यह अजिमाला के बाद दूसरी मूर्ति है। श्री बिल्वकालेश्वर मंदिर पांडवों के समय का निर्मित एक ऐतिहासिक मंदिर है। इसके प्रांगण में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत फस्टे द्वारा मनरेगा व अन्य योजनाओं की कन्वर्जेंस से एक सुंदर पार्क का निर्माण किया जा रहा है। इसी पार्क में यह मूर्ति स्थापित की गई है।
इसके अतिरिक्त मंदिर के प्रांगण में कैलाश पर्वत का प्रतिरूप, भगवान नंदी की मूर्ति और ओम का निशान स्थापित करवाया जा रहा है। साथ ही बच्चों के खेलने के लिए झूले इत्यादि भी लगाए गए हैं। यह मूर्ति क्षेत्र के प्रसिद्ध उद्यमी प्रभात चौधरी ने दान की है। खंड विकास अधिकारी निशांत शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने नादौन क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए काफी बड़ी-बड़ी परियोजनाएं स्वीकृत की हैं, जिनमें से रिवर राफ्टिंग सेंटर, वेलनेस सेंटर,पर्यटन विभाग का होटल, ईको टूरिज्म पार्क हड़ेटा व विभिन्न विश्राम गृह इत्यादि प्रमुख हैं।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने छोटे-छोटे ग्रामीण पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण के भी निर्देश दिए हैं। उनके निर्देशानुसार ही इन स्थलों का विकास करवाया जा रहा है। इस स्थल का निर्माण कार्य दो-तीन माह में पूर्ण कर लिया जाएगा।