सफाई कर्मियों को बैंक से निकालने व वेतन बंद करने पर प्रस्तावित था आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। श्रमायुक्त चंडीगढ़ के समक्ष संपन्न द्विपक्षीय वार्ता के आधार पर प्रदेश ग्रामीण बैंक कर्मचारी संघ ने 15 अप्रैल तक आंदोलन कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है। बैंक अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बैंक में वर्षों से कार्यरत सफाई कर्मियों को बैंक से निकालने और वेतन बंद करने के गैर कानूनी आदेश जारी किए हैं। जबकि, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने कर्मियों को निकालने और आउटसोर्स किए जाने पर रोक लगा रखी है। कर्मचारियों ने बैंक अध्यक्ष और क्षेत्रीय प्रबंधकों के खिलाफ न्यायालय आदेश की अवमानना का मुकदमा दायर करने का भी निर्णय लिया है। कानूनी सलाहकार डीसी शर्मा ने श्रमायुक्त के समक्ष बैंक अध्यक्ष के अनुचित, गैरकानूनी औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 25 व 25 के अंतर्गत कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया। श्रमायुक्त चंडीगढ़ ने बैंक प्रबंधन की ओर से बैंक में कार्यरत सफाई कर्मियों को बैंक से निकालने व वेतन बैंक खातों में जमा करना बंद किए जाने की कार्रवाई को अवैध व गैरकानूनी करार दिया।
बैंक महाप्रबंधक सुधीर कुमार को बैंक में कार्यरत सफाई कर्मियों को शीघ्र वेतन अदायगी के निर्देश जारी किए तथा अगली बैठक 25 अप्रैल को स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया है। वार्ता बैठक में कर्मियों की ओर से भारतीय मजदूर संघ वित्तीय क्षेत्र प्रभारी व कानूनी सलाहकार डीसी शर्मा शामिल हुए एवं कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रताप मीणा व महामंत्री नितिन कुमार उपस्थित रहे। बैठक में अन्य बैंक कर्मियों को देय सिंगल विंडो आपरेटर भत्ता भी जारी किए जाने के निर्देश जारी हुए। 20 मार्च को बैंक मुख्यालय मंडी के समक्ष विरोध प्रदर्शन व 16 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल व आमरण अनशन शुरू किए जाने का प्रस्तावित आंदोलन कार्यक्रम भी 25 अप्रैल तक स्थगित कर दिया गया है।