डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में फार्मा काउंटर पर कतार में लगे मरीज। संवाद
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में त्वचा के रोगियों को फार्मेसी काउंटर पर निशुल्क दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। अस्पताल की फार्मेसी में नाममात्र दवाइयां ही मिल रही हैं। जो ट्यूब और क्रीम चिकित्सक लिखते हैं, वह यहां नहीं मिल पातीं। ऐसे में स्किन के मरीजों को बाहर निजी स्टोरों से दवाइयां लेनी पड़ती हैं। यह दवाइयां बाहर के निजी स्टोरों में महंगी मिलती हैं। इससे मरीजों पर आर्थिक बोझ पड़ता है। गर्मियों में धूप के कारण कई लोगों को सन वर्न की दिक्कत होती है और अन्य चर्म रोगों का सामना करना पड़ता है।
अस्पताल में स्किन विभाग की रोजाना की ओपीडी 100 से 150 के करीब है। जिले के हर क्षेत्र से स्किन ओपीडी में जांच के लिए मरीज पहुंचते हैं। जिले के कई अस्पतालों में स्किन विशेषज्ञ नहीं हैं। मरीजों त्रिदेव ठाकुर, लक्ष्मी, आकाश, रिया, पायल, ज्योत्सना, रितिक, हर्ष आदि ने कहा कि अस्पताल में जो दवाइयां खाने के लिए लिखी जाती हैं वह तो मिल जाती हैं लेकिन अन्य क्रीम और ट्यूब नहीं मिल पाती हैं। इनकी कीमत भी अधिक होती है। इस बारे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि जो दवाइयां अस्पताल में उपलब्ध हैं, वे सारी दे दी जाती हैं।