हमीरपुर। व्यापार मंडल हमीरपुर की नई कार्यकारिणी के गठन के बाद अब चुनाव प्रक्रिया पर व्यापारियों ने सवाल उठाए हैं। नवगठित मंडल के बहिष्कार का हस्ताक्षर अभियान कथित तौर पर शहर में चलाया गया है।
कुछ दिन पूर्व ही मंडल की नई कार्यकारिणी चुनी गई है। दो दिन पूर्व कार्यकारिणी का विस्तार कर कई व्यापारियों को दायित्व सौंपे गए हैं, लेकिन उसके दूसरे ही दिन विरोध शुरू हो गया है। कथित तौर पर कुछ व्यापारियों ने विरोध स्वरूप वर्तमान कार्यकारिणी के चुनावों पर सवाल उठाते हुए शहर में हस्ताक्षर अभियान चलाया है। हस्ताक्षर किए हुए दस्तावेज सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए हैं। हालांकि कोई औपचारिक शिकायत न तो नवगठित कार्यकारिणी को दी गई है और न ही प्रशासन को।
शहर में कथित तौर पर चलाए गए अभियान में तर्क दिया गया है कि मंडल का चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से नहीं किया गया है। कुछेक लोगों ने एकत्र होकर व्यापार मंडल गठित किया है, जबकि कायदे से मंडल के गठन से पूर्व छोटे-बड़े व्यापारियों से सदस्यता शुल्क लेकर और उसको सदस्य बनाने के बाद चुनाव करवाए जाने चाहिए थे। विरोध जताने वाले व्यापारियों सतीश, मनोज, जोगिंद्र, सुनील और विजय ने कहा कि चुनावों की सही ढंग से सूचना नहीं दी गई है। जब बाद में विरोध शुरू हुआ, तो कुछ लोगों को पदाधिकारी बना दिया गया है। लोकमत से ही अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी का चुनाव कर प्रत्येक वर्ग को मौका दिया जाना चाहिए।
कोट्स
व्यापारी एकजुट हों, यही व्यापार मंडल का प्रयास होना चाहिए। बैठक की सूचना उन्हें मिली थी, लेकिन इस दिन चुनाव तय थे इस बारे में जानकारी नहीं थी। ऐसे में वह शामिल नहीं हो सके। व्यापारी हितों में सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए
-अनिल सोनी, पूर्व प्रधान, व्यापार मंडल, हमीरपुर
चुनावों से पूर्व जनरल हाउस आयोजित किया गया था। जनरल हाउस में चुनाव समिति तय हुई थी। चुनावों के बाद भी व्यापारियों की ओर से किसी तरह के विरोध की जानकारी उन्हें नहीं दी गई है। बैठक और चुनावों की सूचना मीडिया के जरिये दी गई है।
-सुमित ठाकुर, प्रधान, व्यापार मंडल, हमीरपुर
दिल्ली से हमीरपुर आ रही छात्रा खिलाड़ी और अध्यापक का काटा गया बस टिकट। संवाद- फोटो : mathura
दिल्ली से हमीरपुर आ रही छात्रा खिलाड़ी और अध्यापक का काटा गया बस टिकट। संवाद- फोटो : mathura