हमीरपुर। राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसरों की भारी कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। महाविद्यालय में स्वीकृत 33 पदों में से 22 लंबे समय से रिक्त हैं, जबकि केवल 11 पदों पर ही शिक्षक कार्यरत हैं।
ऐसे में विभिन्न विषयों की नियमित कक्षाएं संचालित करने में कठिनाई आ रही है। शिक्षकों की कमी का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, हिंदी सहित कई विषयों में पद रिक्त होने से न केवल पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है, बल्कि परीक्षाओं की तैयारी भी प्रभावित हो रही है।
रिक्त पदों को भरने की मांग लंबे समय से उठ रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। महाविद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों ने भी चिंता जताई है।
उनका कहना है कि यदि जल्द नियुक्तियां नहीं की गईं तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन और भविष्य पर पड़ेगा। अभिभावकों ने सरकार से मांग की है कि महाविद्यालय में रिक्त असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसरों के पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए।
कोट
रिक्त पदों की सूची समय-समय पर सरकार को भेजी जाती है। महाविद्यालय में बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है।
-सतीश सोनी, प्रधानाचार्य, हमीरपुर महाविद्यालय