हमीरपुर। कोरोना से जंग लड़ने वाली स्वास्थ्य विभाग की फौज ही बिना मास्क और सैनिटाइजर अस्पताल में निहत्थे होकर मरीजों का उपचार कर रही है। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में मास्क व सैनिटाइजर ही उपलब्ध नहीं है। अस्पताल प्रबंधन अभी तक इसकी कोटेशन ही मांग रहा है। यहां पर तैनात कर्मचारी भी खुद बाहरी मेडिकल स्टोर से मास्क खरीदकर रहे हैं। यहां लोगों के लिए तो क्या तैनात कर्मचारियों के लिए मास्क उपलब्ध नहीं है। कोरोना अलर्ट के बाद जहां पूरे प्रदेश में लोग सतर्क हो गए हैं, वहीं मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल प्रबंधन की सतर्कता नहीं दिख रही। जहां जिले के आम लोग कोरोना के खौफ के चलते 15 दिन पहले ही मास्क और सैनिटाइजर खरीदने में जुट गए थे, वहीं अस्पताल प्रबंधन ने ढुलमुल रवैया अपनाए रखा और अब जबकि देश में मामले बढ़ने लगे हैं तो मेडिकल कॉलेज प्रबंधन कोटेशन मांगने लगा है।
शनिवार को भी अस्पताल प्रबंधन ने मास्क और सैनिटाइजर की कोटेशन मांगी। हालांकि, कोटेशन कई दिनों से मांगी जा रही है, लेकिन आज तक मास्क व सैनिटाइजर अस्पताल प्रबंधन नहीं खरीद सका है। मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तक की व्यवस्था कर दी गई है, लेकिन अस्पताल में तैनात कर्मचारियों का स्वास्थ्य की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। कई मेडिकल स्टोर संचालकों से अस्पताल प्रबंधन ने मास्क और सैनिटाइजर की कोटेशन मांगी है। मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध न होने की सूरत में अस्पताल में काम कर रहे कर्मचारी भी सहमे हुए हैं। मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की इस लेटलतीफी का खामियाजा भी कर्मचारियों को भुगतान पड़ सकता है। इस संबंध में एमएस डॉ. अनिल वर्मा का कहना है कि मॉस्क और सैनिटाइजर की कमी चल रही है। कोटेशन मांगी गई है और इसका प्रबंध बहुत जल्द हो जाएगा। इसके लिए विभाग के उच्चाधिकारियों से बात हो चुकी है।