सुजानपुर (हमीरपुर)। नगर परिषद सुजानपुर में बहुमत के बावजूद सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद नहीं जीत सकी। खास बात यह है कि वोटिंग में कांग्रेसी विधायक कैप्टन रंजीत राणा ने हिस्सा लिया, मगर कांग्रेस समर्थित पार्षद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष नहीं बन सके और भाजपा समर्थित बाजी मार गए।
नौ वार्ड वाली नगर परिषद सुजानपुर के उपाध्यक्ष की आकस्मिक मृत्यु के कारण अब महज आठ पार्षद बचे हैं। कांग्रेस और भाजपा के चार-चार पार्षद में थे। सभी आठ पार्षद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में पहुंचे थे। कोरम में मुकाबला बराबरी पर न अटक जाए, इसके लिए विधायक के वोट को चुनाव में मान्य किया गया था।
एसडीएम सुजानपुर डॉ. रोहित शर्मा और नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुए। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित वार्ड-दो की पार्षद शकुंतला देवी ने नामांकन पत्र दाखिल किया, जबकि भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुईं नगर परिषद की पूर्व अध्यक्ष पार्षद सुनीता देवी ने सत्तारूढ़ दल के समर्थन से चुनाव लड़ा। भाजपा समर्थित शकुंतला देवी को पांच और कांग्रेस समर्थित सुनीता को चार ही मत मिले।
उपाध्यक्ष के लिए कांग्रेस समर्थित वार्ड-चार के पार्षद मनोज ठाकुर ने नामांकन पत्र भरा। वहीं, भाजपा ने भी कांग्रेस की फूट का लाभ उठाते हुए ऐन मौके पर मनीष गुप्ता को समर्थन देकर दांव चला। मनीष गुप्ता को उपाध्यक्ष पद के लिए पांच मत मिले, जबकि कांग्रेस समर्थित मनोज ठाकुर को महज चार मत प्राप्त हुए। दोनों ही पदों पर भाजपा समर्थित पार्षद एक-एक मत से चुनाव जीत गए।
नगर परिषद सुजानपुऱ की अध्यक्ष रहीं सुनीता देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से अध्यक्ष पद खाली हुआ था। जबकि सुनीता देवी ने सोमवार को कांग्रेस के समर्थन से फिर अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा लेकिन विधायक का वोट प्रयोग होने के बाद वह चुनाव हार गईं।
तीन से पांच तक पहुंचने पर भाजपा ने मनाया जश्न
नगर परिषद सुजानपुर में भाजपा और कांग्रेस के चार-चार पार्षद थे। अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के बाद पूर्व अध्यक्ष सुनीता देवी के कांग्रेस में शामिल होने से मात्र तीन मत ही भाजपा समर्थित पार्षदों के गिने जा रहे थे। इसमें वार्ड-एक से सविता महाजन, वार्ड-दो से शकुंतला देवी वार्ड नंबर-पांच से अनीता थी। मगर तीन का आंकड़ा पांच करके भाजपा ने अपनी रणनीति का लोहा मनवाया है, जबकि कांग्रेस विधायक कैप्टन रंजीत राणा के वोट के बावजूद चूक गई है। भाजपा ने अध्यक्ष पद पर कब्जा करने के बाद खूब जश्न मनाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और नेताओं ने एक दूसरे को मिठाई खिलाई। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल तथा पूर्व विधायक राजेंद्र राणा के पक्ष में नारेबाजी की। भाजपा के इस जश्न में खुद को कांग्रेस का कार्यकर्ता बताने वाले उपाध्यक्ष मनीष गुप्ता भी शामिल रहे।
पूर्व अध्यक्ष सुनीता और उनके पति रिंकू भाजपा से निष्कासित
सुजानपुर (हमीरपुर)। भाजपा ने कांग्रेस के समर्थन से चुनाव लड़ने वाली सुनीता देवी और उनके पति रिंकू को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। सुनीता देवी भाजपा के समर्थन से दो साल से अधिक वक्त तक नगर परिषद ही अध्यक्ष रही थीं। मगर अविश्वास प्रस्ताव के बाद कांग्रेस के समर्थन से अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने पर भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया है। भाजपा मंडल सुजानपुर के अध्यक्ष विक्रम राणा ने कहा कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते सुनीता देवी और उनके पति रिंकू को पार्टी से निष्कासित किया गया है।
भाजपा के समर्थन से जीते उपाध्यक्ष बोले, मैं कांग्रेस का सच्चा सिपाही
सुजानपुर (हमीरपुर)। भाजपा के समर्थन से उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने के तुरंत बाद मनीष गुप्ता के स्वर बदल गए। मनीष गुप्ता ने जीत के बाद कांग्रेस का सच्चा सिपाही होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी लाइन से ऊपर उठकर पार्षदों ने उन्हें समर्थन दिया है। सभी मिलकर नगर परिषद सुजानपुर के विकास के लिए कार्य करेंगे। कांग्रेस की ओर से मनोज ठाकुर को समर्थन दिया गया था, यह उनका निर्णय था लेकिन वह कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं और रहेंगे।