पुल के नीचे टूटी सीवरेज लाइन, लोगों को झेलनी पड़ रही दिक्कतें, व्यवस्था पर उठे सवाल
विभाग नहीं जानता किसने कब और कैसे डाली है सीवरेज लाइन, जांच का आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। हाउसिंग कॉलोनी के नजदीक खुले में बह रही सीवरेज की गंदगी ने विभाग को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। इससे जहां व्यवस्था पर सवाल उठ रहे है, वहीं विभाग इस सीवरेज लाइन को लेकर अनभिज्ञता जाहिर कर रहा है।
जल शक्ति विभाग के अनुसार यह लाइन बंद है, लेकिन सवाल है कि किसने, कब और कैसे सीवरेज लाइन डाली है। जल शक्ति विभाग सीवरेज लाइन की सुविधा की एवज में प्रति कनेक्शन हर माह 100 से 120 रुपये भी चार्ज करता है, लेकिन धरातल पर सुविधा नामात्र है।
हालांकि, अधिकारियों के अनुसार इस सीवरेज लाइन को बंद कर दिया गया है, लेकिन सवाल यह है कि कहीं लोगों ने इसे अवैध रूप से कनेक्शन तो नहीं दे रखा है। हैरानी की बात है कि विभाग के कान तक यह खबर नहीं पहुंची है कि किन लोगों ने सीवरेज लाइन के कनेक्शन ले रखे हैं। अगर ऐसा है तो फिर सरकार के राजस्व पर भी असर पड़ रहा है।
इस सीवरेज की गंदगी नाले से होते हुए कुणाह खड्ड में मिल रही है। इसके कारण लोगों में बीमारियां फैलने का डर भी बना हुआ है। लोगों का कहना है कि सीवरेज की व्यवस्था के लिए यहां पर पाइपलाइन डाली गई थी, लेकिन यह पिछले लंबे समय से टूटी हुई है। अब यह गंदगी सीधे नाले में बह रही है। यहां पर खुले में सीवरेज की गंदगी बहने से बदबू का माहौल बना हुआ है, जिससे राहगीरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके साथ ही एक निजी स्कूल भी है। राहगीर बलदेव, पवन कुमार, दिव्या, रजनीबाला, संतोष कुमारी, विनय कुमार का कहना है कि कई स्थानों पर नाले में सीवरेज की गंदगी बहती है। संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में शीघ्र ही कदम उठाए जाने चाहिएं। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार खुले में सीवरेज की गंदगी को नहीं छोड़ा जा सकता है, लेकिन यहां पर नियमों के प्रति कोई जागरूक नहीं है। अगर कोई महामारी फैलती है तो इसका जिम्मेवार कौन होगा।
कोट :
हाउसिंग कॉलोनी के नजदीक सीवरेज लाइन बंद है। अगर यह चल रही है तो यह मामला जांच का है कि किसने इससे कनेक्शन ले रखा है। इस बारे में जांच की जाएगी और जांच के बाद उचित कार्रवाई भी की जाएगी।
-राकेश वात्स्यान, एसडीओ, जल शक्ति विभाग, हमीरपुर
नगर निगम हमीरपुर के तहत तहत हाउसिंग कॉलोनी में टूटी हुई नाली से खुले में बह रही सीवरेज। संवाद