हमीरपुर। प्रदेश में 21 सितंबर से स्कूल खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। जिले में स्कूलों को सैनिटाइजेशन करने का कार्य भी शुरू हो गया। हालांकि, अभी कई अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं लेकिन, सरकार के निर्देशानुसार वही बच्चे स्कूल आ पाएंगे जिनके अभिभावक उन्हें आने की अनुमति देंगे। इसके लिए बाकायदा बच्चों को अथॉरिटी पत्र दिए जा रहे हैं। जिन बच्चों के अभिभावकों ने यह अथॉरिटी लेटर साइन किए होंगे, उन्हें ही स्कूल में आने की अनुमति होगी। कई स्कूलों ने सितंबर में स्कूल खोलने या न खोलने और कई ने अक्तूबर में स्कूल खोलने या न खोलने की राय भी इन अथॉरिटी पत्रों के माध्यम से मांगी है।
प्रदेश सरकार ने 21 सितंबर से सूबे के स्कूलों को 50 फीसदी स्टाफ के साथ बच्चों के मार्गदर्शन के लिए खोलने के लिए अनुमति दी है। अभिभावकों की इजाजत से स्कूल आने के लिए केवल नौंवी से बारहवीं तक के बच्चे ही पात्र होंगे। इसके लिए अब शिक्षा विभाग ने भी कमर कस ली है। जिले में नौवीं से बारहवीं कक्षा तक 17938 छात्र सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। हालांकि, वर्तमान में इनकी पढ़ाई ऑनलाइन हो रही है। स्कूल खुलने के बाद भी पढ़ाई ऑनलाइन चलती रहेगी महज छात्र मार्गदर्शन के लिए स्कूल आ सकेंगे। अब कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, इस कारण अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। इस संबंध में उपनिदेशक उच्चतर शिक्षा दिलबरजीत चंद्र ने कहा कि विभाग ने जिले में इसके लिए तैयारी कर ली है। सभी स्कूलों और अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। कई स्कूल अपने स्तर पर बनाए अथॉरिटी लेटर देकर बच्चों के अभिभावकों की सहमति मांग रहे हैं। जो अभिभावक अपनी सहमति देंगे, वही स्कूल में मार्गदर्शन के लिए आ सकते हैं। बच्चों को ऑनलाइन ग्रुप में कोरोना प्रोटोकाल से संबंधित दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं। सरकार और विभाग के निर्देशानुसार आगामी कदम उठाए जाएंगे।
क्या कहते हैं अभिभावक-
अभी नहीं खोलने चाहिए थे स्कूल : शर्मा
अश्वनी शर्मा का कहना है कि क्योंकि अब देश और प्रदेश में कोविड-19 बढ़ रहा है तो फिलहाल सरकार को स्कूल नहीं खोलने चाहिए। ऑनलाइन पढ़ाई जैसे चल रही है वही ठीक है, क्योंकि बच्चों की जिंदगी को खतरे में नहीं डाल सकते। नाबालिग कई बार नियमों को अनदेखा कर देते हैं। इसकी जिम्मेवारी सरकार को लेनी होगी।
ऑनलाइन पढ़ाई प्रभावी नहीं : सतीश
सतीश चौहान ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई में कई बातें बच्चों को समझ नहीं आती हैं। इसलिए स्कूल खुलना जरूरी हैं। बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई के साथ-साथ स्कूलों में जाकर यदि अध्यापकों का मार्गदर्शन मिलता रहेगा तो बच्चे अधिक सीखेंगे लेकिन, कोविड-19 नियमों का ध्यान रखना होगा।
वैक्सीन आने तक बंद रहें स्कूल : अनीश
अनीश भारद्वाज ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ समझौता नहीं किया जा सकता। जब सरकार छह माह स्कूल बंद रख सकती है तो एक दो माह और बंद रखने चाहिए थे। कोरोना के मामले कम होने या वैक्सीन बनने के बाद ही स्कूलों में बच्चों का प्रवेश होना चाहिए था। तब तक ऑनलाइन पढ़ाई पूर्व की तरह चली रहने चाहिए थी।