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पदोन्नत प्रवक्ताओं और पीजीटी को अलग से मिले पदोन्नति कोटा : संघ

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हमीरपुर। प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ ने पदोन्नत प्रवक्ता एवं पीजीटी के लिए अलग से पदोन्नति कोटे की मांग की है। इस संदर्भ में हमीरपुर से पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ की कोर कमेटी के अध्यक्ष केवल ठाकुर एवं प्रदेश महासचिव यशवीर जम्वाल ने कहा कि शिक्षा विभाग ने पदोन्नत प्रवक्ता तो लगा दिए, लेकिन उनकी आगे प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति के लिए कोटा निर्धारित करना भूल गया। यही कारण है कि पिछले 5 वर्षों में प्रवक्ता से प्रधानाचार्य पद पर हुई 434 पदोन्नतियों में से मात्र 5 पदोन्नत प्रवक्ता ही इस कोटे से पदोन्नत हुए हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि अन्य विभागों में नियमानुसार पदोन्नति के लिए फीडिंग काडर का कोटा निर्धारित है। लेकिन, प्रदेश शिक्षा विभाग में पदोन्नत प्रवक्ता के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
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सीधी भर्ती वाला स्कूली प्रवक्ता संघ सरकार को गुमराह करने के लिए 9000 पदोन्नत प्रवक्ता व पीजीटी को भी अपनी संख्या में शामिल कर रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि प्रवक्ता से प्रधानाचार्य पद पर 50 फीसदी पदोन्नति कोटे का 99 फीसदी सीधी भर्ती वाले प्रवक्ता संघ के हिस्से में आ रहा है और 9000 की संख्या वाले पदोन्नत प्रवक्ता को मात्र एक फीसदी भाग ही प्राप्त हो रहा है। उनका संघ प्रदेश सरकार से मांग करता है कि प्रवक्ता से प्रधानाचार्य पद पर 50 फीसदी पदोन्नति कोटे का 25 फीसदी अलग से पदोन्नत प्रवक्ता को अन्य विभागों की तर्ज पर दिया जाए। पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ के प्रदेश अध्यक्ष रत्नेश्वर सलारिया ने कहा कि यदि भविष्य में सीधी भर्ती वाले प्रवक्ता संघ ने सरकार को गुमराह करने के लिए पदोन्नत प्रवक्ता, पीजीटी की 9000 संख्या को भी अपने आंकड़े में शामिल किया तो इसके लिए उन्हें कानूनी नोटिस दिया जाएगा। क्योंकि पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ 1999 से ही अलग हो गया था और उनका यह संघ प्रदेश सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त है। उनका अपना संविधान और अपनी कार्यकारिणी है। वहीं, टीजीटी कनफेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष विजय गौतम ने कहा कि जब प्रदेश के 13 मान्यता प्राप्त अध्यापक संगठन मुख्याध्यापक से प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति कोटे में किसी भी प्रकार की कमी का विरोध कर रहे हैं तो सरकार को मात्र एक संघ की मांग पर इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए।
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