जिला हमीरपुर में जिला का पहला मूक एवं बधिर स्कूल खुलने जा रहा है। यह स्कूल बाल स्कूल हमीरपुर के भवन में ही चलेगा। प्रदेश सरकार की मंजूरी के बाद स्कूल के लिए शिक्षा विभाग ने टीजीटी और पीजीटी अध्यापकों के चार पद सृजित किए हैं। जिला के विभिन्न क्षेत्रों में दिव्यांग बच्चों को उनकी योग्यता अनुसार पढ़ाई करवाई जाएगी।
इसके तहत 80 फीसदी से अधिक दिव्यांग बच्चों के लिए अलग से कक्षाएं और 80 फीसदी से कम बच्चों को सामान्य बच्चों के साथ ही पढ़ाया जाएगा। वर्तमान में बाल स्कूल के भवन में ऐसी कक्षाएं लगाने के लिए तीन कमरे मंजूर किए गए हैं। स्कूल ने दिव्यांगों को पढ़ाने के लिए आवश्यक सामग्री की लिस्ट विभाग को दे दी है। यहां अलग से शौचालय भी बनाया जाएगा।
स्कूल के तीन कमरों में से एक कमरे में अक्षम बच्चों की पढ़ाई के लिए जरूरी विजुअल और हियरिंग यंत्र, सामान व किताबें रखी जाएंगी बाकी दो कमरों में कक्षाएं लगेंगी। मानसिक रूप से सौ फीसदी दिव्यांग बच्चों के लिए इस स्कूल में दाखिला नहीं मिलेगा। अभिभावक शैक्षणिक सत्र के दौरान कभी भी बच्चों का दाखिला करवा सकते हैं।
अब तक स्कूल में केवल एक टीजीटी की ही तैनाती हुई है। बाल स्कूल हमीरपुर की प्रधानाचार्य मंजू ठाकुर का कहना है कि मूक बधिर स्कूल को चलाने के लिए स्कूल की सबसे निचली मंजिल के तीन कमरे स्वीकृत किए गए हैं। इन कमरों में ही शारीरिक रूप से दिव्यांग बच्चों की कक्षाएं लगेंगी।