हमीरपुर। कृषि सहकारी सभा संगरोह में कथित फर्जी ऋण आवंटन और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में सहकारिता विभाग ने जांच आगे बढ़ा दी है। वीरवार को सभा के मौजूदा प्रधान और सेवानिवृत्त पूर्व सचिव सहायक पंजीयक के समक्ष पेश हुए।
दोनों से मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल-जवाब किए गए और उनका पक्ष दर्ज किया गया। सहकारिता विभाग हमीरपुर के सहायक पंजीयक रवि कुमार हिमाचल प्रदेश सहकारी सभाएं अधिनियम की धारा 69(2) के तहत मामले की जांच कर रहे हैं।
विभाग के अनुसार संबंधित पक्षों का पक्ष दर्ज होने के बाद जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। करीब तीन माह में जांच पूरी कर जिम्मेवारी और देनदारी तय किए जाने की उम्मीद है।
इससे पहले विभागीय जांच में सभा के ऑडिट पैरा में कई खामियां सामने आई थीं। कथित फर्जी ऋण आवंटन सहित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कुल 10 बिंदु जांच में चिह्नित किए गए थे। जांच अधिकारी ने 18 मार्च 2025 को रिपोर्ट विभाग को सौंपी थी।
इसके बाद सभा प्रबंधन समिति को पूर्व सचिव के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और गबन व धोखाधड़ी के पहलुओं की पुलिस जांच के लिए शिकायत करने के निर्देश दिए गए थे।
हालांकि, इसी बीच सचिव सेवानिवृत्त हो गए। सभा कमेटी की ओर से मामले में ठोस कार्रवाई न होने को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।
डेढ़-दो साल से चल रही जांच
संगरोह सभा के मामले की जांच पिछले डेढ़-दो साल से चल रही है। सहकारिता विभाग की तत्कालीन सहायक पंजीयक वीना धीमान ने धारा 69(2) के तहत जांच प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन जांच पूरी होने से पहले वह सेवानिवृत्त हो गईं। अब सहायक पंजीयक रवि कुमार इस मामले को देख रहे हैं। मामले में विजिलेंस भी जांच कर रही है। भोरंज थाना में एक निवेशक की शिकायत पर अलग से मामला दर्ज है। वहीं, चेक बाउंस के कुछ मामले अदालत और उपभोक्ता अदालत तक पहुंच चुके हैं। सभा के निवेशकों की ओर से जमा राशि वापस नहीं मिलने के आरोप भी लगाए गए हैं।
कोट
संगरोह सहकारी सभा मामले में नियमों के तहत जांच की जा रही है। जल्द ही जांच पूरी कर ली जाएगी। वीरवार को सभा के पूर्व सचिव और कमेटी के मौजूदा प्रधान ने कार्यालय में पेश होकर अपना पक्ष रखा है।
-रवि कुमार, सहायक पंजीयक, सहकारिता विभाग हमीरपुर