सुजानपुर (हमीरपुर)। लंबरी पंचायत के अस्थोथा गांव में रविवार को उस समय माहौल गमगीन हो गया जब 20 दिन बाद साहिल का शव पैतृक गांव में पहुंचा। सुबह करीब सात बजे जैसे ही शव को गाड़ी से बाहर निकाला गया तो माता-पिता अपने बेटे को देखकर बिलख उठे और पूरा माहौल गमगीन हो उठा। इसके बाद परिजनों ने साहिल को दूल्हे की तरह सजाया। हिंदू रिवाज के साथ चचेरे भाई ने साहिल को मुखाग्नि दी।
गौरतलब है कि चार मई को लंबरी पंचायत के अस्थोथा गांव के 26 वर्षीय साहिल की थाइलैंड में समुद्री जहाज में गैस रिसाव से मौत हो गई है। साहिल इसी वर्ष सितंबर माह में घर आने का प्लान कर रहा था, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। घर में साहिल की शादी की लेकर तैयारियां चल रही थीं। मृतक साहिल का एक छोटा भाई मलेशिया में मर्चेंट नेवी में सेवाएं दे रहा है। पिता देशराज कारोबारी माता कमलेश गृहिणी है। लंबरी पंचायत के पूर्व उपप्रधान संजीव ने बताया कि प्रशासन से परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।