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Hamirpur (Himachal) News: नियम कागज़ों में, खतरा सड़कों पर... स्कूल बसों में बच्चों की जान से खिलवाड़

Sat, 25 Apr 2026 02:15 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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अवाहदेवी कस्बा में बिना जालियों के निजी स्कूल बसें। संवाद
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हमीरपुर। जिले में निजी स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे हजारों नौनिहालों की जान खतरे में पड़ गई है। मुख्यालय से लेकर उपमंडल स्तर तक निजी स्कूल बसों की खिड़कियों से सुरक्षा जालियां ही गायब हैं।
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छोटे बच्चों को टैक्सियों और निजी वाहनों में ठूंस-ठूंस कर स्कूल पहुंचाया जा रहा है, जिनमें बुनियादी सुरक्षा इंतजाम तक नहीं हैं। हालात ऐसे हैं कि प्रशासनिक स्तर पर नियमित निरीक्षण न होने के कारण ये बसें और टैक्सियां बिना किसी रोक-टोक के सड़कों पर दौड़ रही हैं।
जिले में करीब 300 निजी स्कूल संचालित हैं, जिनमें हजारों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यार्थियों को घर से स्कूल लाने और वापस छोड़ने के लिए बसों और अन्य वाहनों की व्यवस्था की गई है। नियमों के अनुसार स्कूल बसों की खिड़कियों पर सुरक्षा जालियां लगाना अनिवार्य है, ताकि बच्चे खिड़की से बाहर न झुकें और किसी हादसे का शिकार न हों, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है।
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कई बसों में जालियां या तो पूरी तरह गायब हैं या केवल औपचारिकता के तौर पर पाइप लगाए गए हैं। इससे यात्रा के दौरान बच्चों के गिरने या चोटिल होने का खतरा लगातार बना रहता है।
बसों की कमी या खर्च बचाने के लिए कुछ निजी स्कूल बच्चों को टैक्सियों और वैन के जरिए लाने-ले जाने की व्यवस्था कर रहे हैं। इन वाहनों में क्षमता से दोगुने बच्चे बैठाए जा रहे हैं। पांच से छह सीटों वाली टैक्सी में 10 से 12 बच्चों को ठूंस दिया जाता है। वहीं, छोटे बच्चों को गोद में बैठाकर सफर करवाया जा रहा है, जिससे किसी भी दुर्घटना की स्थिति में गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
अभिभावकों में कांता देवी, राकेश कुमार, किरण बाला, रोशनी कुमारी, प्रिया और सोमनाथ आदि ने कहा कि हर वर्ष स्कूलों में बैठकों के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर प्रबंधन की ओर से दावे किए जाते हैं, लेकिन वास्तविकता में स्थिति नहीं बदलती। उनका कहना है कि विभागीय अधिकारियों को समय-समय पर बसों की जांच करनी चाहिए।

ये हैं नियम

स्कूल वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, स्पीड गवर्नर और सीसीटीवी कैमरे के अलावा प्रशिक्षित चालक और परिचालक जैसी सुविधाएं अनिवार्य हैं, ताकि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।

कोट्स

विद्यार्थियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। स्कूल प्रमुखों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना घटित न हो। अवहेलना करने वाले प्रबंधकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. एमआर चौहान, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग हमीरपुर





विभाग की ओर से लगातार निरीक्षण किया जा रहा है, स्कूल बसों की खिड़कियों पर जालियों और सुरक्षा उपकरणों का होना अनिवार्य है। नियमों की अवहेलना करने वाले प्रबंधकों को जुर्माना लगाया जाएगा। -राजीव ठाकुर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, हमीरपुर

अवाहदेवी कस्बा में बिना जालियों के निजी स्कूल बसें। संवाद

अवाहदेवी कस्बा में बिना जालियों के निजी स्कूल बसें। संवाद

अवाहदेवी कस्बा में बिना जालियों के निजी स्कूल बसें। संवाद

अवाहदेवी कस्बा में बिना जालियों के निजी स्कूल बसें। संवाद

अवाहदेवी कस्बा में बिना जालियों के निजी स्कूल बसें। संवाद

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