नगर पंचायत भोटा के वार्ड-7 में गोसदन बनाने के लिए प्रशासन ने प्रवासियों के आशियाने उखाड़ दिए। प्रशासन ने अतिक्रमण का तर्क देकर पुलिस की मौजूदगी में प्रवासियों की झुग्गियों को हटाया।
अतिक्रमण की गई भूमि पर उच्च न्यायालय के आदेशानुसार गोसदन का निर्माण किया जाएगा। प्रवासियों ने प्रशासन से मार्च माह तक की मोहलत मांगी, लेकिन प्रशासन ने प्रवासियों की एक नहीं सुनीं।
प्रवासियों के मुखिया जोहरी लाल ने कहा कि कई प्रवासी परिवारों के बच्चे भोटा स्कूल में पढ़ते हैं। मार्च में बच्चों की परीक्षाएं हैं। ऐसे में मार्च माह तक उन्हें दूसरी जगह झोपड़ी बनाने का समय दिया जाए।
उन्होंने सभी प्रवासियों के वार्ड-7 में बीते 15 सालों से रहने और वोटर कार्ड होने का हवाला भी दिया, लेकिन प्रशासन ने उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देकर प्रवासियों के एक नहीं सुनी।
इस दौरान 15 सालों से बनाई झोपड़ियां महज 15 मिनट में उखाड़ डालीं। प्रशासन का दावा है कि झोपड़ियों की जगह गोसदन का निर्माण किया जाएगा।
व्यापार मंडल भोटा के सचिव दीपक चौहान, वार्ड-7 के पार्षद अश्वनी कुमार, वार्ड-2 के पार्षद अरुण सोनी का कहना है कि प्रशासन को सभी वार्डों में सरकारी भूमि पर कब्जा कर बैठे लोगों पर भी ऐसी कार्रवाई करनी चाहिए।
नगर पंचायत अध्यक्ष सर्वजीत कौर का कहना है कि अतिक्रमण की गई भूमि पर गोसदन बनाना अनिवार्य है। प्रवासियों को दूसरी जगह शिफ्ट होने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने नगर पंचायत की एक नहीं सुनीं। इसके चलते कार्रवाई की गई।