हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की वर्चुअल बैठक में विभिन्न विषयों पर की चर्चा
मांग : 15 अगस्त को मुख्यमंत्री सुक्खू करें महंगाई भत्ते की किस्तें जारी करने की घोषणा
संवाद न्यूज एजेंसी
डिडवीं टिक्कर (हमीरपुर)। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की वर्चुअल बैठक बुधवार को गूगल मीट के माध्यम से हुई। राज्य प्रधान नरेश महाजन की अध्यक्षता में यह बैठक हुई। बैठक लगभग एक घंटा 25 मिनट चली। इसमें कर्मचारियों से संबंधित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। मांगपत्र सरकार को ऑनलाइन माध्यम से भेजने पर सहमति बनी।
सर्वसम्मति से मांग रखी गई कि अनुबंध कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को यथावत रखा जाए। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि विभाग से अनौपचारिक तौर पर यह जानकारी सामने आ रही है कि सरकार अभी इस वर्ष से एक ही बार मार्च में नियमितिकरण करने जा रही है जो अध्यापकों के साथ अन्याय है। पहले की तरह ही 30 सितंबर व 31 मार्च साल में दो बार नियमितीकरण किया जाए ताकि कर्मचारियों को वित्तीय नुकसान न हो। बैठक में यह भी मांग रखी गई की सरकार की ओर से जारी 07-07-2014 की अधिसूचना को निरस्त किया जाए ताकि कर्मचारियों को मिलने वाला 4- 9-14 का लाभ 27-08-2009 से एक समान देय हो। वर्तमान में यह लाभ सरकार की ओर से न्यायालय में गए कर्मचारियों को ही दिया जा रहा है। राज्य कार्यकारिणी ने बैठक में यह भी मांग रखी कि कर्मचारियों को नये वेतनमान के एरियर का बकाया एकमुश्त दिया जाए। लंबित 12 फीसदी महंगाई भत्ते की किस्तें जारी करने की 15 अगस्त को देहरा में होने वाले राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू घोषणा करें। प्रदेश में नियुक्त व नियमित किए जा रहे कर्मचारियों की डिग्री के सत्यापन का खर्च सरकार की ओर से वहन किया जाए। बैठक में अजय शर्मा, कैलाश ठाकुर, मनसा राम, सुरेश नरयाल, सुनील शर्मा, प्रधानों में बिलासपुर से राम लोक, चंबा से परस राम, हमीरपुर से राज कुमार, कांगड़ा से नरेश धीमान, कुल्लू से संदीप मित्तल, किन्नौर से मदन नेगी, लाहुल स्पीति से राजेश वर्मा, मंडी से अश्वनी गुलेरिया, शिमला से महावीर कैंथला, सिरमौर से राजीव ठाकुर, सोलन से गुरमेल चौधरी, ऊना से विजय सहित राज्य कार्यकारिणी से कुल 60 अध्यापकों ने शिरकत की।