फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेफरल अस्पताल बड़सर अब सिर्फ सीएचसी

Sun, 18 Sep 2016 11:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर, बड़सर
विज्ञापन
अ‌धिसूचना। - फोटो : demo pics
विज्ञापन
बड़सर अस्पताल का रेफरल दर्जा घटाकर सीएचसी कर दिया गया है। प्रदेश सरकार की नई अधिूचना के मुताबिक, अब यह रेफरल के बजाय डिलीवरी प्वाइंट अस्पताल रह गया है। पूर्व सरकार ने वर्ष 2011 में अस्पताल का दर्जा बढ़ाकर रेफरल कर दिया था।
विज्ञापन


अस्पताल में चिकित्सकों की कमी से पहले ही स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और भाजपा नेताओं ने दर्जा घटाने पर कड़ा विरोध किया है। उन्होंने अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने की मांग की है।  

बड़सर अस्पताल को रेफरल दर्जा होने पर तीन विशेषज्ञ चिकित्सक के साथ ही अन्य स्टाफ की बढ़ोतरी होनी थी, लेकिन अस्पताल में दर्जा बढ़ने के बाद भी पर्याप्त स्टाफ नहीं मिल पाया था। चार पांच माह पहले अस्पताल में मेडिसन विशेषज्ञ का तबादला भी हो गया।
विज्ञापन


मौजूदा समय में अस्पताल में पांच में से मात्र दो चिकित्सक ही मौजूद हैं। बीएमओ का पद भी रिक्त पड़ा है। अस्पताल में रात ड्यूटी के लिए अन्य पीएचसी चिकित्सकों को बुलाया जा रहा है। अस्पताल उपमंडल के अलावा बंगाणा तथा कोटधार क्षेत्र के मरीज भी उपचार के लिए आते हैं।

अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 350 मरीजों की जांच की जाती है। इसके आलावा अस्पताल में 30 बिस्तर वार्ड की सुविधा भी है, लेकिन अस्पताल में चिकित्सकों की भारी कमी है।

स्थानीय लोगों में बड़सर पंचायत प्रधान सेेवा दास, बल्याह पंचायत प्रधान बीना शर्मा, उपप्रधान प्रवीण शर्मा, ग्यारह ग्रां पंचायत उपप्रधान रमेश चंद, बणी पंचायत उपप्रधान मुकेश कुमार, ज्योली देवी पंचायत प्रधान जसवंत सिंह, उसनाड़ पंचायत प्रधान लीला देवी सहित अन्य कई जन प्रतिनिधियों का कहना है कि अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी अधिक रहती है।

अस्पताल को रेफरल के साथ-साथ सुविधाओं में सुधार लाना चाहिए।

कार्यकारी बीएमओ एचआर कालिया का कहना है कि अस्पताल के रेफरल दर्जा घटाने के बारे में अधिसूचना मिल गई है। अस्पताल में चिकित्सकों की पहले से ही कमी है। दूसरे अस्पतालों से चिकित्सकों की सेवाएं लेकर काम चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें