कर्मचारियों को वेतन के लाले, दो साल से नहीं मिली नेशनल हेल्थ मिशन के तहत मिलने वाली ग्रांट
जिला प्रशासन की ओर से अलग-अलग हेड से दिया जा रहा नौ कर्मियों को वेतन
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिला रेडक्रास सोसायटी हमीरपुर बिना बजट के जुगाड़ के सहारे चल रही है। दो वर्ष से सोसायटी के नौ कर्मचारियों को वेतन तक के लाले पड़ गए हैं, वहीं दो साल से लैब में टेस्ट भी नहीं हो रहे हैं। हालांकि, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ये टेस्ट निशुल्क किए जा रहे हैं। इसका मुख्य कारण नेशनल हेल्थ मिशन के तहत ग्रांट न मिलना बताया जा रहा है।
रेडक्रास सोसायटी की पिछले दो साल की करीब 80 लाख की ग्रांट रुकी हुई है। इस ग्रांट के लिए सोसायटी की ओर से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पत्राचार किया गया है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) की ओर से टेस्ट के वास्तविक लागत को अदा करने की बात कही जा रही है, जबकि सोसायटी की मांग है कि उन्हें पूर्व की तरह की निर्धारित दरों से ग्रांट का भुगतान किया जाए। इसके अलावा टेस्ट के लिए जिन वेंडर से सामग्री खरीदी गई है, उन्हें सोसायटी की ओर से 10 लाख के करीब भुगतान किया जाना बाकी है। जिला रेडक्रास सोसायटी हमीरपुर में नौ कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें तकनीकी कर्मचारी अधिक हैं। ऐसे में अब टेस्टिंग बंद होने से इन कर्मियों से सोसायटी अन्य कार्य ले रही है, जबकि वेतन के भुगतान के लिए जिला प्रशासन को अलग साधनों से जुगाड़ करना पड़ रहा है। दरअसल एनएचएम केंद्र सरकार की ओर से संचालित योजना है। ऐसे में योजना के तहत ग्रांट बंद होने से सोसायटी के साथ प्रदेश स्वास्थ्य विभाग को परेशानी पेश आ रही है।
कोट
दो साल से नेशनल हेल्थ मिशन से मिलने वाली ग्रांट सोसायटी को नहीं मिली है। विभाग के साथ इस विषय पर पत्राचार किया जा रहा है। कर्मचारियों के वेतन का प्रबंध प्रशासन की ओर से किया जा रहा है। लैब में टेस्टिंग बंद होने के कारण कर्मचारी अपने प्रोफाइल से अलग कार्य कर रहे हैं। प्रयास किया जा रहा है कि सोसायटी को जल्द ग्रांट मिले और देय भुगतान किए जा सके।-अमरजीत सिंह, अध्यक्ष जिला रेडक्रास सोसायटी एवं डीसी हमीरपुर