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Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल स्टोरों का रिकाॅर्ड दुरुस्त, फिर कैसे बिक रहीं जीवन रक्षक दवाएं

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अभियान भाग दो
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निगरानी तंत्र पर उठे सवाल, निरीक्षण कर ड्रग कंट्रोलिंग अथाॅरिटी को भेजी जाता है रिपोर्ट


टेंपेंटाडोल और प्रिगावालिन ड्रग लेने वालों का रिकॉर्ड मेंटेंन रखने के दोबारा निर्देश

निरीक्षण में पकड़ में आने पर अब विभाग खंगालेगा पिछले तीन माह का बिक्री रिकाॅर्ड

संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। जिले में मेडिकल स्टोरों में जीवन रक्षक दवाओं की बिक्री से निगरानी तंत्र पर सवाल उठे हैं। नार्कोटिक्स और साइकोट्रोपिक ड्रग बिना चिकित्सीय सलाह के नहीं बेची जाती हैं। इन दवाओं की बिक्री के लिए स्टोर को मरीजों की पर्चियों का रिकाॅर्ड संभाल कर रखना होता है। इस रिकाॅर्ड का वार्षिक निरीक्षण स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया जाता है लेकिन बीते एक वर्ष में इस रिकाॅर्ड की जांच में कोई खामी नहीं पाई गई है। हर साल मार्च से पहले यह निरीक्षण कर इसकी रिपोर्ट ड्रग कंट्रोलिंग अथाॅरिटी को भेजी जाती है।

हमीरपुर में जीवन रक्षक दवाओं के नशे के रूप में प्रयोग का मामला सामने आने पर मेडिकल स्टोर संचालकों को टेंपेंटाडोल व प्रिगावालिन ड्रग लेने वालों का रिकॉर्ड मेंटेंन करने के दिशा निर्देश दोबारा जारी किए है। सवाल यह उठता है कि हर साल निरीक्षण होने के बावजूद आखिर क्यों यह मेडिकल स्टोर पकड़ में नहीं आ रहे हें। अब दोबारा से मेडिकल स्टोरों यह दवाएं व इंजेक्क्षन लेने वालों का रिकार्ड रखने की हिदायत जारी की गई है। इन दवाइयों की बिक्री के दौरान मेडिकल स्टोर संचालकों को मरीज की पर्ची पर मेडिकल स्टोर की स्टैंप लगानी होगी। हालांकि यह निर्देश नए नहीं है लेकिन अब मामले की गंभीरता को देखते हुए इस रिकार्ड का निरीक्षण बारिकी से किए जाने की उम्मीद है ताकि बिना रिकार्ड बेची गई दवाईयों का पुख्ता सबूत विभाग के हाथ लग सकें। ऐसे में अब मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के साथ लगते मेडिकल स्टोरों का तीन माह का बिक्री रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है। ड्रग इंस्पेक्टर हमीरपुर दिनेश गौतम ने कहा कि टेंपेंटाडोल व प्रिगावालिन ड्रग लेने वालों का रिकॉर्ड मेंटेंन करने के दिशा-निर्देश दोबारा जारी किए गए हैं। मेडिकल स्टोरों पर ये दवाएं और इंजेक्शन लेने वालों का रिकाॅर्ड रखने की हिदायत जारी की गई है। इन दवाइयों की बिक्री के दौरान मेडिकल स्टोर संचालकों को मरीज की पर्ची पर मेडिकल स्टोर की स्टैंप लगानी होगी।
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126 मेडिकल स्टोरों में सीसीटीवी कैमरा नहीं

जिले में वर्तमान में 280 निजी मेडिकल स्टोर हैं। इन मेडिकल स्टोरों में सीसीटीवी कैमरा लगाने के निर्देश बीते वर्ष जिला प्रशासन की ओर से जारी किए गए थे, लेकिन 100 से अधिक मेडिकल स्टोर में अभी तक सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाए गए हैं। वर्तमान में महज 154 मेडिकल स्टोरों में कैमरा लगे हैं जबकि 126 बिना कैमरा के संचालित किए जा रहे हैं। यह सीसीटीवी कैमरा दवा बिक्री में पारदर्शिता के लिए लगाए जाने हैं लेकिन प्रयास के इन निर्देशों का एक साल बाद भी स्टोर संचालक पालन नहीं कर रहे हैं।
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