हमीरपुर। जिले के 317 उचित मूल्य की दुकानों में पिछले तीन माह से सब्सिडी वाले राशन की आपूर्ति प्रभावित है। डिपुओं में तीन माह से चने की दाल का कोटा नहीं पहुंचा है।
इस माह चने की दाल के साथ साबुत माह (उड़द) और मलका मसर की दाल भी उपलब्ध नहीं हुई। आधा-अधूरा राशन मिलने से उपभोक्ताओं को बार-बार डिपुओं के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
जिले के 317 डिपुओं में हर माह करीब साढ़े पांच लाख उपभोक्ता राशन लेते हैं। दालें उपलब्ध न होने से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बाजार से अधिक कीमत पर खरीदारी करनी पड़ रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले एक-दो वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होती थी, लेकिन अब दालों का कोटा भी नियमित नहीं मिल रहा है।
उचित मूल्य की दुकानों में एपीएल कार्ड धारकों को चने की दाल 66 रुपये, साबुत माह 94 रुपये और चीनी 33 रुपये प्रति किलो की दर से मिलती है। बीपीएल परिवारों को दालें एपीएल से पांच रुपये प्रतिकिलो सस्ती मिलती हैं। उपभोक्ताओं ने विभाग से राशन की आपूर्ति नियमित करने और लंबित दालों का कोटा जल्द उपलब्ध करवाने की मांग की है।
कोट्स
डिपुओं में 15 अगस्त के बाद राशन वितरण शुरू होगा। डिपुओं में दालों की सप्लाई के लिए ऑर्डर किया गया है।
-आंचल कुमारी, जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले हमीरपुर
राशन लेने के लिए डिपो पर पहुंचने के बाद दाल उपलब्ध नहीं होने की जानकारी मिलती है। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। कई बार दूसरे दिन दोबारा डिपो पर जाना पड़ता है।
-तोशू ठाकुर, निवासी अवाहदेवी
डिपुओं में सस्ती दरों पर मिलने वाली दालें नहीं मिल रही हैं। मजबूरी में बाजार से दाल खरीदनी पड़ रही है। इससे घर का बजट प्रभावित हो रहा है।
-सुनीता देवी, निवासी रंगस
डिपुओं में राशन की सप्लाई नियमित होनी चाहिए। अलग-अलग वस्तुओं के लिए बार-बार डिपो के चक्कर लगाने के बजाय एक साथ पूरा कोटा उपलब्ध करवाया जाए, ताकि लोगों को परेशानी न हो।
-करनैल सिंह, निवासी कुढार
डिपुओं में मिलने वाला सस्ता राशन गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत है। दालें नहीं मिलने से उन्हें बाजार से महंगे दाम पर खरीदारी करनी पड़ रही है। विभाग को लंबित कोटा जल्द उपलब्ध करवाना चाहिए।
-कैप्टन रणजीत, निवासी कोहली
करनैल सिंह,निवासी कुढार।
करनैल सिंह,निवासी कुढार।
करनैल सिंह,निवासी कुढार।