हमीरपुर। जिले में लोगों के लिए खतरा बन चुके आक्रामक लावारिस बैलों को अब सुरक्षित तरीके से काबू किया जा सकेगा। पशुपालन विभाग को इसी सप्ताह दो डॉट गन और उनसे संबंधित उपकरण मिलने की उम्मीद है।
जिला प्रशासन से करीब दो लाख रुपये मिलने के बाद विभाग ने खरीद प्रक्रिया पूरी कर ली है। इन डॉट गन का उपयोग आक्रामक लावारिस पशुओं को बेहोश कर सुरक्षित रूप से नियंत्रित करने के लिए किया जाएगा, जिससे उन्हें बिना नुकसान पहुंचाए गोशालाओं या गोसदनों तक पहुंचाया जा सकेगा।
गंभीर रूप से घायल गोवंश के उपचार में भी इनका उपयोग किया जाएगा। जिले में लावारिस गोवंश की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार आक्रामक बैल राहगीरों और वाहन चालकों पर हमला कर चुके हैं, जबकि खेतों में घुसकर फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं।
ऐसे में डॉट गन मिलने से विभाग की कार्रवाई अधिक प्रभावी होने और लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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1200 लावारिस गोवंश अब भी खुले में
जिले में करीब 1200 लावारिस गोवंश खुले में घूम रहे हैं। ये पशु सड़कों पर दुर्घटनाओं का कारण बनने के साथ किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रशासन और पशुपालन विभाग इन्हें गोशालाओं और गोसदनों तक पहुंचाने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं।
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पशुपालन विभाग को जल्द ही दो डॉट गन मिल जाएंगी। जरूरत पड़ने पर इनका उपयोग आक्रामक और घायल पशुओं को सुरक्षित तरीके से काबू करने के लिए किया जाएगा, ताकि लोगों और पशुओं दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
-सुजय शर्मा, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग, हमीरपुर