राजेश कुमार राजन कुमार के साथ विश्राम गृह बड़सर में। जागरूकपाठक। राजेश कुमार को घर ले जाते उसक
बड़सर (हमीरपुर)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बड़सर दौरे पर उनसे मिलने की उम्मीद लेकर पहुंचे एक लकवाग्रस्त दिव्यांग रोगी राजेश कुमार को निराशा ही हाथ लगी। राजेश अपनी वृद्ध और बीमार मां के साथ टेंपो में बिस्तर पर लेटकर बड़सर रेस्ट हाउस पहुंचे थे, जहां मुख्यमंत्री का दोपहर के भोजन का कार्यक्रम था, लेकिन अचानक कार्यक्रम रद्द होने से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई।
राजेश कुमार पुत्र सुख देव, निवासी घोयटा राजपूतान, बड़सर 80 फीसदी दिव्यांग और लकवाग्रस्त हैं और पूरी तरह बिस्तर पर हैं। वह बेडसोर जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। जिला स्तरीय दिव्यांग सुविधा समीक्षा समिति के सदस्य राजेंद्र कुमार ने बताया कि राजेश की वृद्ध मां को हृदय रोग के चलते चार स्टंट पड़े हैं और वह स्वयं गंभीर रूप से बीमार रहती हैं।
राजेश की दवाइयों और देखभाल पर हर माह 10,000 से 15,000 रुपये तक का खर्च आता है। परिवार के पास कमाई का कोई साधन नहीं है। राजेश और उनकी मां मुख्यमंत्री से मदद की आस लेकर आए थे, लेकिन मुलाकात न होने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। उन्होंने सरकार से परिवार की तत्काल मदद की मांग उठाई है।