बारिश के चलते गेहूं की फसल को तिरपाल से ढक कर रखा गया।
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हमीरपुर। जिले में फसल की कटाई और थ्रेशिंग में जुटे किसानों के लिए बारिश आफत बनकर बरसी है। जहां किसान एक तरफ लॉकडाउन की मार झेल रहे हैं, वहीं अब काटी गई फसल खेतों में भीग रही है। जिले में वीरवार दोपहर धूप के बाद अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसल भीग गई है। धूप के बाद एकदम से बारिश होने से लोगों को फसल सुरक्षित स्थान पर रखने या ढकने तक का मौका नहीं मिला।
एक तरफ जहां लोगों को फसल कटाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं वहीं कड़ी मशक्कत के बाद काटी गई फसल खेतों में बरबाद होने की कगार पर है। हालात ऐसे हैं कि अधिकतर किसानों ने कटाई कर फसल को सुखाने के लिए खेतों में ही रखा है। ऐसे में एकदम शुरू हुई बारिश ने फसल को भिगो दिया। हालांकि, बारिश से गेहूं को बचाने के लिए किसानों ने प्रयास तो किया और तिरपाल इत्यादि से खेतों में ही गेहूं को ढका, लेकिन अधिकतर किसानों की फसल ढकने से पूर्व ही भीग गई। जिले में 30 हजार हेक्टेयर भूमि पर 76 हजार किसान परिवार गेहूं की खेती करते हैं। इस बार जिले में बंपर फसल की उम्मीद किसानों को थी, लेकिन बंपर पैदावार के बावजूद अब लॉकडाउन के साथ ही बारिश ने भी किसानों की परेशानी दोगुना कर दी है। किसानों में राकेश कुमार, विजय कुमार, अशोक कुमार, सतीश शर्मा का कहना है कि अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसल भीग गई है। कृषि उपनिदेशक हमीरपुर डॉ. कुलदीप वर्मा का कहना है कि कटी हुई फसल भीगने से बरबाद होगी। जो फसल अभी काटी नहीं है, उसे बारिश से नुकसान का उतना खतरा नहीं है।